Iran Demonstration , नई दिल्ली। ईरान की राजधानी तेहरान सहित देश के कई हिस्सों में सरकार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। हालात बिगड़ते देख ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के आदेश देने के गंभीर आरोप लगे हैं। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 217 प्रदर्शनकारियों की मौत होने का दावा किया जा रहा है, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, ईरान में पिछले कुछ दिनों से महंगाई, बेरोजगारी, राजनीतिक दमन और नागरिक अधिकारों को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा था। शुरुआत में शांतिपूर्ण रहे ये प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र हो गए। कई शहरों में सरकारी इमारतों, पुलिस चौकियों और वाहनों को निशाना बनाया गया, जिसके बाद सरकार ने सख्त कदम उठाए।
बताया जा रहा है कि हालात काबू से बाहर जाते देख सुप्रीम लीडर खामेनेई ने सुरक्षा बलों को “कठोर कार्रवाई” के निर्देश दिए। इसके बाद रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला दीं। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि मरने वालों की संख्या सरकारी आंकड़ों से कहीं ज्यादा हो सकती है।
ईरानी सरकार ने हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सुरक्षा बलों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की और हिंसा फैलाने वाले “उपद्रवी तत्वों” को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया। सरकार का कहना है कि कुछ विदेशी ताकतें प्रदर्शनकारियों को भड़का रही हैं और देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल ईरान के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं सीमित कर दी गई हैं और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।


