Iran , तेहरान। ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ बीते 13 दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने गुरुवार रात और भी हिंसक रूप ले लिया। हालात इस कदर बिगड़ गए कि देशभर में 100 से अधिक शहरों में प्रदर्शन फैल गया है। अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई इलाकों में जोरदार झड़पें हुईं, जिसमें अब तक कम से कम 45 लोगों की मौत की खबर सामने आई है।
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प्रदर्शनों के दौरान गुस्साए लोगों ने सड़कों को जाम कर दिया, सरकारी और निजी संपत्तियों में आगजनी की और कई जगहों पर पुलिस चौकियों को निशाना बनाया गया। इस हिंसा में एक पुलिसकर्मी की भी मौत हो गई है। हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों ने सख्ती बढ़ा दी है और कई शहरों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और सर्वोच्च नेता के खिलाफ तीखे नारे लगाए। राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में “खामेनेई को मौत” और “इस्लामिक रिपब्लिक का अंत हो चुका है” जैसे नारे गूंजते रहे। कुछ इलाकों में प्रदर्शनकारी ईरान के पूर्व शाह के बेटे क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन में भी नजर आए। उन्होंने “यह आखिरी लड़ाई है, शाह पहलवी लौटेंगे” जैसे नारे लगाकर मौजूदा शासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।
बढ़ती हिंसा और अस्थिरता को देखते हुए ईरानी प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। तेहरान के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, वहीं कई इलाकों में इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम अफवाहों और हिंसा को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए हैं, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।


