कंगना रनौत ने फिल्म ‘धुरंधर’ को बताया राष्ट्रवाद का चेहरा— बॉलीवुड अभिनेत्री और फिल्म निर्माता कंगना रनौत ने अपनी आगामी फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। कंगना ने सिनेमा के जरिए राष्ट्रवाद की अलख जगाने पर जोर देते हुए कहा कि समाज में कला के अलग-अलग पहलुओं पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने ‘धुरंधर’ को अपनी पिछली सफल फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ की श्रेणी में खड़ा किया है।
कंगना रनौत ने फिल्म ‘धुरंधर’ को बताया राष्ट्रवाद का चेहरा, ‘मणिकर्णिका’ से की तुलना

राष्ट्रवाद और सिनेमा: कंगना का स्पष्ट नजरिया
कंगना रनौत ने एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म ‘धुरंधर’ के मूल संदेश पर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कला को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए। कंगना के अनुसार, “कला को कला की तरह ही होना चाहिए। धुरंधर और मणिकर्णिका जैसी फिल्में सीधे तौर पर राष्ट्रवाद की बात करती हैं।” अभिनेत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देशप्रेम से ओत-प्रोत फिल्में दर्शकों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करती हैं।
फिल्म की पटकथा और इसकी थीम को लेकर फिल्म जगत में पहले से ही चर्चाएं तेज हैं। कंगना ने संकेत दिया कि जहाँ एक तरफ ‘धुरंधर’ जैसे प्रोजेक्ट्स राष्ट्रीय गौरव को दर्शाते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ फ़िल्में जिंदगी के यथार्थवादी और अलग पहलुओं को छूती हैं।
समाज और सिनेमा के बीच संवाद की जरूरत
“फिल्मों में जिंदगी का एक अलग पहलू भी दिखाया जाता है। समाज में इन दोनों तरह के सिनेमा पर चर्चा होनी चाहिए। यह संवाद ही कला को जीवंत रखता है।”
— कंगना रनौत, अभिनेत्री व फिल्म निर्माता
दर्शकों पर प्रभाव और भविष्य की राह
कंगना रनौत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ऐतिहासिक और राष्ट्रवादी सिनेमा को लेकर दर्शकों की रुचि बढ़ी है। ‘मणिकर्णिका’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी एक खास जगह बनाई थी, और अब ‘धुरंधर’ से भी वैसी ही उम्मीदें की जा रही हैं। फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि कंगना की यह फिल्म एक बार फिर सिनेमाघरों में वैचारिक बहस छेड़ सकती है।
फिलहाल, फिल्म की रिलीज डेट और कास्टिंग से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि फिल्म का टीजर जल्द ही सार्वजनिक किया जा सकता है।


