कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा ने सोमवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण से जुड़े दो महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों को पारित कर दिया। राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए इन विधेयकों के पक्ष में 186 विधायकों ने मतदान किया, जबकि 17 सदस्यों ने विरोध किया। वहीं, छह विधायक मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे।
सरकार के अनुसार, नए कानून लागू होने के बाद राज्य में OBC आरक्षण व्यवस्था में व्यापक बदलाव होंगे। संशोधित प्रावधानों के तहत आरक्षण का ढांचा 17 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत किया जाएगा, जबकि OBC श्रेणियों का भी पुनर्गठन किया जाएगा।
हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उठाया कदम: सरकार
पिछड़ा वर्ग विकास मंत्री गौरिशंकर घोष ने विधानसभा में ‘पश्चिम बंगाल बैकवर्ड क्लासेज (एससी-एसटी को छोड़कर) रिजर्वेशन ऑफ वैकेंसी इन सर्विसेज एंड पोस्ट अमेंडमेंट बिल, 2026’ और ‘पश्चिम बंगाल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज अमेंडमेंट बिल, 2026’ पेश किए।
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विधेयकों पर चर्चा के दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार का यह फैसला पूरी तरह कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप है और इसका किसी भी प्रकार की राजनीतिक मंशा से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने बताया कि बिना फील्ड सर्वे के OBC सूची में शामिल की गई 113 श्रेणियों को हटाया गया है, जबकि विभिन्न सर्वेक्षणों के आधार पर शामिल की गई 66 उप-श्रेणियों को बरकरार रखा गया है।
अब आयोग की सिफारिश पर होगा फैसला
संशोधित कानून के तहत अब किसी भी समुदाय को OBC सूची में शामिल करने से पहले पिछड़ा वर्ग आयोग उसकी सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति का विस्तृत अध्ययन करेगा। आयोग की सिफारिश के आधार पर ही राज्य सरकार अंतिम निर्णय ले सकेगी।
इसके अलावा, आयोग से परामर्श के बाद विभिन्न OBC श्रेणियों के लिए आरक्षण का प्रतिशत भी निर्धारित किया जाएगा। दूसरे संशोधन विधेयक के माध्यम से आयोग की संरचना, अधिकार और जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया गया है।
सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य OBC आरक्षण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और न्यायसंगत बनाना है।


