पटना: Mallikarjun Kharge Statement: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए एक बयान पर बिहार में सियासी विवाद खड़ा हो गया है। पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे ने कथित तौर पर कहा, ‘मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।’ उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से माफी मांगने की मांग की है।
मामले में बीजेपी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णा कुमार सिंह ने रविवार रात पटना के कोतवाली थाने में खड़गे के खिलाफ शिकायत दी। उन्होंने पुलिस से बयान की जांच करने और यदि कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
खड़गे के बयान पर अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के पिता को लेकर अभद्र टिप्पणी की है।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करती रही है। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भाषा और राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक विरोध के बावजूद भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
सम्राट चौधरी बोले- राहुल गांधी और खड़गे माफी मांगें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी खड़गे के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री के पिता को लेकर कथित टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की।
सम्राट चौधरी ने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति दुर्भावना रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है।
हालांकि, शिकायत दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। मामले में बयान के वास्तविक शब्दों, संदर्भ और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
कांग्रेस कार्यक्रम में हंगामा, कार्यकर्ता की पिटाई का आरोप
पटना में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में बने रहने को लेकर अपनी बात रखी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस व्यक्ति ने कहा था कि केवल शांत बैठने से मोदी सरकार नहीं जाएगी और इसके लिए विद्रोह की जरूरत होगी।
इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर उसकी पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर उसे वहां से बाहर निकाला।
रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित की पहचान संतोष के रूप में हुई है, जो कांग्रेस का ही कार्यकर्ता बताया जा रहा है।
संतोष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि खड़गे उनकी बात को ठीक से समझ नहीं पाए। उसका कहना था कि विपक्षी नेताओं को यह समझना होगा कि केवल बयान देने से सरकार नहीं बदलती।
इस घटना ने कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक मतभेद और कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद को भी चर्चा में ला दिया है।
बीजेपी ने X पर वीडियो साझा कर कांग्रेस पर साधा निशाना
बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खड़गे के बयान का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस की आलोचना की। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष की भाषा राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
बीजेपी ने अपनी पोस्ट में कांग्रेस की कार्यशैली की तुलना माफिया गिरोह से करते हुए तीखा हमला बोला। हालांकि, यह पार्टी की राजनीतिक प्रतिक्रिया है, किसी कानूनी निष्कर्ष का प्रमाण नहीं।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने भी कथित टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने इसे कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और संस्कारहीनता से जोड़कर देखा।
वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पिता को लेकर इस तरह की टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।
खड़गे ने नीतीश कुमार और बीजेपी पर भी साधा निशाना
कांग्रेस के कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विचारधारा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार समाजवादी विचारधारा से दूर होकर बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ चले गए हैं।
खड़गे ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के कारण कई नेता अपनी विचारधारा से समझौता कर लेते हैं। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी तमाम विरोधों के बावजूद अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
उन्होंने RSS पर भी निशाना साधा और सामाजिक भेदभाव को लेकर आरोप लगाए।
चुनाव आयोग और मोदी सरकार के बीच सांठगांठ का आरोप
खड़गे ने अपने संबोधन में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच कथित सांठगांठ का आरोप भी लगाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की।
खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव कर मुख्य न्यायाधीश को चयन समिति से बाहर कर दिया गया। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बिहार की सरकार पर भी निशाना साधा और राज्य में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच सांठगांठ का उनका आरोप एक राजनीतिक दावा है।
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श्रीकृष्ण सिंह को बताया आधुनिक बिहार में लोकतंत्र का नायक
कार्यक्रम के दौरान खड़गे ने बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह ने आधुनिक बिहार में लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
खड़गे ने बिहार में जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन सुधारों ने राज्य के सामाजिक और राजनीतिक विकास में योगदान दिया।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में हुए भूमि सुधारों का भी उल्लेख किया।
बिहार में पीएम मोदी की मां पर टिप्पणी को लेकर भी हुआ था विवाद
बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर राजनीतिक विवाद पहले भी सामने आ चुका है। 27 अगस्त 2025 को दरभंगा में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री की मां को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया था।
इस घटना के बाद बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए थे। बिहार बंद और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों की खबरें भी सामने आई थीं।
अब मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को लेकर शुरू हुए विवाद ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में बीजेपी और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ा दिया है।
फिलहाल, खड़गे के खिलाफ पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दिए जाने के बाद मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।


