सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, खिड़की से झांका तो उड़े होश
घटना का खुलासा मंगलवार सुबह तब हुआ जब खप्परपुर निवासी मनीष (35) के घर का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुला। पड़ोसियों और मनीष के भाई को अनहोनी की आशंका हुई। जब उन्होंने खिड़की से भीतर झांका तो कमरे के फर्श पर शव पड़े देखकर उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत दरवाजा तोड़ा और भीतर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी।
मृतकों की पहचान मनीष (35), उनकी पत्नी सीमा (32), बेटी हनी (5), प्रियांशी (4) और दो वर्षीय बेटे पंकज के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से दूध के खाली गिलास मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि दूध में जहरीला पदार्थ मिलाकर सभी ने सेवन किया। घर की रसोई की दीवार पर कोयले या चाक से लिखा गया है कि वे अपनी मर्जी से यह कदम उठा रहे हैं और इसके लिए कोई दूसरा जिम्मेदार नहीं है।
आधिकारिक बयान और जांच
“महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में पांच लोगों के शव मिले हैं। मौके से एक संदेश भी बरामद हुआ है जिसमें उन्होंने स्वयं की मर्जी से आत्महत्या की बात लिखी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हम सभी पहलुओं, विशेषकर आर्थिक स्थिति और पारिवारिक विवाद की जांच कर रहे हैं।” — श्वेता वर्मा, क्षेत्राधिकारी (CO), महावन
गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस की कड़ी निगरानी
इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मनीष खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार में किसी बड़े विवाद की जानकारी पहले कभी नहीं मिली। एसएसपी मथुरा सहित जिले के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक समय और जहर के प्रकार का पता चल सके। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।


