PM Modi , रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय DGP–IGP सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। देशभर से आए शीर्ष पुलिस अधिकारियों, सुरक्षा विशेषज्ञों और केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, साइबर क्राइम और आधुनिक policing मॉडल पर विस्तृत चर्चा की। सम्मेलन में कई अहम विषयों पर सहमति बनी, जिनमें महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा।
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सम्मेलन के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव और निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने और सुरक्षा प्रतिक्रिया समय को बेहतर बनाने के लिए डायल 112 की तर्ज पर पूरे भारत के लिए एक एकीकृत सुरक्षा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाना चाहिए। यह प्लेटफॉर्म पुलिस, एम्बुलेंस, फायर सर्विस और महिला सुरक्षा से जुड़ी सभी हेल्पलाइन सेवाओं को एक ही छतरी तले जोडने का काम करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह का राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म देश के किसी भी नागरिक को आपात स्थिति में एक ही नंबर के माध्यम से त्वरित सहायता प्रदान करेगा। इससे राज्यों के बीच इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम का समन्वय भी बेहतर होगा और अपराध पर नियंत्रण की क्षमता बढ़ेगी।
सम्मेलन के दौरान पुलिस आधुनिकीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली, ड्रोन तकनीक, आतंकवाद निरोधक रणनीतियों, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, और साइबर धोखाधड़ी रोकने जैसी चुनौतियों पर व्यापक चर्चा हुई। अधिकारियों ने आपसी समन्वय बढ़ाने और जानकारी साझा करने की आधुनिक प्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी सिर्फ अपराध रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल दुनिया में तेजी से फैल रहे नए खतरे—साइबर फ्रॉड, डेटा चोरी, एआई जनरेटेड फेक वीडियो—से निपटने की भी है। उन्होंने अधिकारियों से इन चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया।
सम्मेलन का आयोजन इस वर्ष रायपुर में किया गया, जिसे लेकर राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारी की थी। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के आयोजन से राज्यों के बीच अनुभव और तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान होता है, जिससे संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है।
कुल मिलाकर, रायपुर में आयोजित यह सम्मेलन देश की सुरक्षा प्रणाली को और अधिक समन्वित, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ। Prime Minister के निर्देशों के बाद उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत सुरक्षा प्लेटफॉर्म पर जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी।


