PM Modi Raipur रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में भाग लेने के लिए शुक्रवार (31 अक्टूबर 2025) की शाम रायपुर पहुंचे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर पूरे नवा रायपुर में उत्साह और सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए।अपने दौरे के पहले दिन, प्रधानमंत्री ने राजधानी रायपुर पहुंचकर सबसे पहले पद्म विभूषण तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी ली और सत्यसाई अस्पताल में बच्चों से मुलाकात की। इसके बाद, वे आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश देने के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान के विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए।
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रायपुर एयरपोर्ट पहुंचते ही PM मोदी का भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार शाम रायपुर पहुंचे, जहां उनका स्वागत बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से किया।एयरपोर्ट पर पहुंचते ही मोदी का अभिवादन करने वालों में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।पूरा रायपुर शहर “मोदीमय” नजर आया और जगह-जगह स्वागत के लिए सुरक्षा और सजावट के खास इंतज़ाम किए गए।
तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी ली
रायपुर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पद्म विभूषण लोकगायिका तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी ली।तीजन बाई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की पहचान हैं और प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
सत्यसाई अस्पताल में बच्चों से की मुलाकात
इसके बाद मोदी सत्यसाई अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों से बातचीत की।प्रधानमंत्री ने बच्चों को सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
ब्रह्माकुमारी संस्थान में विशेष कार्यक्रम
सुबह 10:45 से 11:30 बजे तक पीएम मोदी ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे।यहां वेआध्यात्मिकता, सकारात्मक सोच और समाज सेवा से जुड़े संदेश देंगे।कार्यक्रम में हजारों साधक, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र शामिल होंगे।
नए विधानसभा भवन और ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण
दोपहर बाद प्रधानमंत्री नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे।यह भवन छत्तीसगढ़ की आधुनिक पहचान और नई राजनीतिक धारा का प्रतीक बताया जा रहा है।इसके साथ ही मोदी ट्राइबल म्यूजियम का भी उद्घाटन करेंगे, जो राज्य की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को समर्पित है।यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ की लोककला, नृत्य और जनजातीय जीवन शैली को नई पहचान देगा।


