दंतेवाड़ा: भारत की आगामी जनगणना-2027 को सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जिले में विभिन्न स्तरों पर जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने पूर्व में जारी आदेशों में आंशिक संशोधन करते हुए नई टीम गठित की है।
अधिनियम की शक्तियों का प्रयोग
कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 4 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह नियुक्तियां की गई हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य जनगणना के विशाल कार्य को त्रुटिहीन तरीके से ब्लॉक और तहसील स्तर तक क्रियान्वित करना है।
जिला और ब्लॉक स्तर पर जिम्मेदारी
नवनियुक्त अधिकारियों को उनके कार्यक्षेत्र के अनुसार विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
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प्रशासनिक नियंत्रण: जिला स्तर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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क्षेत्रीय क्रियान्वयन: तहसील और जनपद स्तर पर अधिकारियों को ‘जनगणना अधिकारी’ के रूप में नियुक्त किया गया है, जो डेटा संग्रह और पर्यवेक्षकों (Supervisors) के कार्यों की निगरानी करेंगे।
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संशोधन: पूर्व में जारी सूची में कुछ अधिकारियों के स्थानांतरण या अन्य कारणों से बदलाव किए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर समन्वय बना रहे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?
जनगणना-2027 केवल जनसंख्या की गिनती नहीं है, बल्कि यह भविष्य की सरकारी योजनाओं, परिसीमन और संसाधनों के आवंटन का आधार बनेगी। दंतेवाड़ा जैसे वनांचल और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति वाले जिले में सटीक डेटा जुटाना एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए इन अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


