हादसे की स्थिति
5 फरवरी को फैक्ट्री के टायर पिघलाने वाले प्लांट में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। इसे फर्नेस ब्लास्ट बताया जा रहा है, जिसमें फैक्ट्री में काम कर रहे आठ लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में नौ माह की बच्ची भी थी। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि पास-पास के इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। मृतक बच्ची को इलाज के लिए रायपुर के कल्दा बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर ले जाया गया था, जहाँ उसकी मौत हो गई। छह अन्य घायलों का उपचार जारी है और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
परिजनों की मांग
पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद प्लांट प्रबंधन कुछ दबाव बना रहा है, जिसमें FIR वापस लेने और बयान बदलने की कोशिश की जा रही है। परिवार ने मौके पर निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है ताकि दोषियों पर कड़ा कानूनी प्रावधान लागू हो सके।
जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
स्थानीय पुलिस और प्रशासन घटना स्थल पर पहुँचे और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के कारण ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है। अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि फैक्ट्री में उचित सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण उपलब्ध था या नहीं।
स्थानीय प्रभाव और सावधानियाँ
यह औद्योगिक हादसा स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर रहा है। खरसिया और आसपास के इलाकों में फैक्ट्री मालिकों से कहा गया है कि वे सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आगे ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


