Raigarh Pollution Protest , रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बढ़ते प्रदूषण को लेकर युवा कांग्रेस ने अनोखे और चौंकाने वाले तरीके से विरोध दर्ज कराया है। शहर में लगातार बढ़ रहे औद्योगिक प्रदूषण, जहरीले धुएं और रासायनिक कणों से आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को लेकर युवा कांग्रेसियों ने खून से पत्र लिखकर अपना आक्रोश जाहिर किया। यह पत्र राष्ट्रपति और देश के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) को भेजा जाएगा।
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युवा कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि रायगढ़ औद्योगिक क्षेत्र बनता जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही पर्यावरणीय नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। फैक्ट्रियों और उद्योगों से निकलने वाला जहरीला धुआं, राख और रासायनिक कण हवा में घुलकर लोगों के फेफड़ों, आंखों और त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। शहर में सांस की बीमारियों, दमा, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर युवा कांग्रेस द्वारा “खून से पत्र” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपने खून से पत्र लिखकर प्रशासन और सरकार का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया। इस दौरान “प्रदूषण बंद करो”, “रायगढ़ को जहर से बचाओ” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कई बार ज्ञापन देने और आंदोलन करने के बावजूद प्रशासन और उद्योग प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मजबूर होकर उन्हें यह प्रतीकात्मक और भावनात्मक तरीका अपनाना पड़ा, ताकि देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे लोग इस गंभीर समस्या पर ध्यान दें।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। युवा कांग्रेस का कहना है कि रायगढ़ के लोगों को स्वच्छ हवा और सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार है, और इसके लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।


