अयोध्या। Ram Mandir Chadhawa Chori Case में आठों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अब उनकी कथित अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। जांच एजेंसियां आरोपितों की आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक अर्जित संपत्तियों को अटैच (संबद्ध) कराने की प्रक्रिया शुरू कर रही हैं। साथ ही उनके बैंक खातों को फ्रीज कराने की भी तैयारी चल रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दायरे में कुछ और लोग भी हैं और जल्द नई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

बैंक खातों और निवेश की गहन जांच
पुलिस टीम ने पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक और केनरा बैंक से आरोपितों के बैंक खातों का विवरण जुटाया है। खातों की जांच के बाद उन्हें फ्रीज कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जांच के दौरान पुलिस को विभिन्न निवेश योजनाओं, जमीनों की खरीद, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), आभूषण, नकदी और अन्य महंगी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
जेल में अविनाश शुक्ल से दो घंटे पूछताछ
मंगलवार को विवेचक क्षेत्राधिकारी आशुतोष त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मंडल कारागार पहुंचकर मुख्य आरोपित अविनाश शुक्ल से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। उससे बरामद धन, निवेश के स्रोत, अन्य आरोपितों की भूमिका और संपत्तियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई। पुलिस को पूछताछ से कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपितों की रिमांड मांगी जा सकती है।
60 से अधिक लोगों से पूछताछ
जांच के तहत अब तक 60 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है। इनमें राम मंदिर से जुड़े कई पदाधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस की एक टीम ने कारसेवकपुरम पहुंचकर महासचिव चंपतराय से भी आरोपित कर्मचारियों की नियुक्ति, सत्यापन और संस्तुति से संबंधित जानकारी हासिल की।
जमीन, एफडी और महंगी खरीदारी के मिले दस्तावेज
जांच में टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव के घरों से जमीन खरीद, एफडी, क्रेडिट-डेबिट कार्ड, आभूषण और महंगी वस्तुओं की खरीद से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस इन सभी संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है।
रजिस्ट्री कार्यालय में भी खंगाले गए रिकॉर्ड
रुदौली कोतवाली पुलिस ने तहसील स्थित निबंधन कार्यालय पहुंचकर लवकुश मिश्र की संपत्तियों से जुड़े रजिस्ट्री रिकॉर्ड की जांच की। कई घंटे तक अधिकारियों से पूछताछ कर जमीन खरीद से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया गया।
साधारण परिवार से आलीशान जीवन तक का सफर जांच के घेरे में
पुलिस जांच में सामने आया है कि कई आरोपित बेहद साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से थे। उनके पैतृक मकान आज भी जर्जर स्थिति में हैं, लेकिन हाल के वर्षों में उन्होंने महंगी जमीनें खरीदीं, आलीशान मकान बनवाए, होटल और रेस्टोरेंट में निवेश किया तथा लग्जरी गाड़ियां और महंगे मोबाइल खरीदे। इन सभी संपत्तियों की वैधता की जांच की जा रही है।
आय से अधिक संपत्ति मिलने पर होगी अटैचमेंट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपितों की आय के स्रोतों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि जांच में संपत्तियां आय से अधिक अर्जित पाई जाती हैं तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही वित्तीय लेनदेन और निवेश से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।


