RBI new rules नई दिल्ली। बैंक और वित्तीय संस्थानों द्वारा ग्राहकों को लोन के साथ जबरन बीमा, म्यूचुअल फंड या अन्य वित्तीय उत्पाद बेचने की शिकायतों पर अब सख्ती होने जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मिस-सेलिंग यानी गलत तरीके से वित्तीय उत्पाद बेचने पर रोक लगाने के लिए नए नियमों का मसौदा जारी किया है।
इन प्रस्तावित नियमों के तहत डार्क पैटर्न, जबरन बंडलिंग और बिना ग्राहक की स्पष्ट सहमति के उत्पाद बेचने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। RBI ने इस मसौदे पर 4 मार्च तक सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद अंतिम नियम जारी किए जाएंगे। नए नियम 1 जुलाई से लागू होने की संभावना है।
सभी वित्तीय संस्थानों पर लागू होंगे नियम
RBI के अनुसार ये नियम सभी रेगुलेटेड संस्थाओं पर लागू होंगे, जिनमें सामान्य बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, वित्तीय संस्थान, एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां शामिल हैं।
जुलाई से लागू होंगे ये बड़े बदलाव
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जबरन बंडलिंग पर रोक: बैंक लोन के साथ बीमा या अन्य थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट जबरन नहीं बेच सकेंगे।
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अलग-अलग सहमति जरूरी: एक से अधिक प्रोडक्ट बेचने पर हर प्रोडक्ट के लिए अलग कंसेंट लेना होगा।
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स्पष्ट जानकारी अनिवार्य: फीस, चार्ज और शर्तों की पूरी जानकारी पहले से देनी होगी।
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30 दिन में फीडबैक: हर बिक्री के बाद 30 दिन के भीतर ग्राहक से प्रतिक्रिया लेना अनिवार्य होगा।
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डार्क पैटर्न पर रोक: वेबसाइट या ऐप में पहले से टिक बॉक्स या भ्रमित करने वाले डिजाइन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
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सेल्स कॉल की समय सीमा: सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच, ग्राहक की अनुमति से ही कॉल या विजिट की जा सकेगी।
गलत बिक्री पर रिफंड और मुआवजा
यदि यह साबित होता है कि किसी ग्राहक को बिना सहमति या गलत जानकारी देकर उत्पाद बेचा गया है, तो संस्था को पूरा पैसा वापस करना होगा और मुआवजा भी देना पड़ेगा।
RBI के मुताबिक, थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट्स, एजेंटों की गतिविधियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डार्क पैटर्न के जरिए मिस-सेलिंग की शिकायतें बढ़ रही थीं, जिसे देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।


