नई दिल्ली: साल 2025 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और कुछ ही दिनों में नया साल 2026 दस्तक देने वाला है। नए साल का आगमन केवल कैलेंडर बदलने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके साथ ही बैंकिंग, सैलरी, टैक्स और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। ये बदलाव सीधे तौर पर आम आदमी की जेब और जीवनशैली को प्रभावित करेंगे।
सरकार और विभिन्न नियामक संस्थाओं ने 2026 के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार की है, जिसमें 8वें वेतन आयोग, EPFO नियमों, टैक्स स्लैब, डिजिटल भुगतान और सोशल मीडिया से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इन बदलावों का उद्देश्य जहां कर्मचारियों और उपभोक्ताओं को राहत देना है, वहीं डिजिटल सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता को भी मजबूत करना है।
राज्य के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा.
8वें वेतन आयोग को लेकर बढ़ी उम्मीदें
नए साल में केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा कदम उठा सकती है। यदि इसकी औपचारिक घोषणा होती है, तो इससे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी और भत्तों में सुधार की उम्मीद बढ़ जाएगी।
EPFO नियमों में संभावित बदलाव
2026 से EPFO से जुड़े नियमों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। पीएफ निकासी प्रक्रिया को और सरल बनाने, ऑनलाइन सेवाओं को मजबूत करने और कर्मचारियों को ज्यादा सुविधा देने पर जोर दिया जाएगा।
टैक्स और बैंकिंग नियमों में बदलाव
नए साल में टैक्स स्लैब में संशोधन और बैंकिंग नियमों में बदलाव संभव हैं। इससे मध्यम वर्ग को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं डिजिटल बैंकिंग को और सुरक्षित व आसान बनाया जाएगा।


