- बड़ा फैसला: कोर्ट ने शराब घोटाले के दो मुख्य आरोपियों को ‘कंडीशनल बेल’ पर रिहा किया।
- सख्त शर्तें: पासपोर्ट सरेंडर करना होगा और हर अदालती पेशी पर हाजिरी अनिवार्य।
- वापसी: महीनों तक सलाखों के पीछे रहने के बाद दोनों आरोपी जेल से बाहर आए।
Saumya Chaurasia Bail News , रायपुर — छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले के मैदान से एक बड़ा ‘स्कोरबोर्ड अपडेट’ आया है। मामले की मुख्य आरोपी सौम्या चौरसिया और के.के. श्रीवास्तव अब जेल से बाहर हैं। कोर्ट ने दोनों को सशर्त जमानत दे दी है, जिससे जांच एजेंसियों की घेराबंदी थोड़ी ढीली पड़ती नजर आ रही है। महीनों के ‘डिफेंसिव’ कानूनी संघर्ष के बाद, यह रिहाई इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया मोड़ ले आई है।
कोर्ट की ‘फील्डिंग’: जमानत के साथ लगीं कड़ी पाबंदियां
अदालत ने इन्हें रिहा तो किया है, लेकिन ‘फ्री हिट’ नहीं दिया। रिहाई के साथ ही कोर्ट ने ऐसी शर्तें लगाई हैं ताकि वे जांच की प्रक्रिया से बाहर न जा सकें। कानून की पिच पर दोनों को हर गेंद का सामना करना होगा, यानी हर पेशी पर कोर्ट में हाजिर रहना होगा।
- शर्त 1: अपना पासपोर्ट तत्काल कोर्ट में जमा करना होगा (विदेश यात्रा पर पाबंदी)।
- शर्त 2: मामले की हर सुनवाई और पेशी में व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य।
- पृष्ठभूमि: दोनों आरोपी शराब घोटाले में मिलीभगत के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।
“कोर्ट ने आरोपियों को सशर्त राहत दी है। जांच अभी जारी है और पासपोर्ट जमा कराने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वे कानूनी प्रक्रिया से भाग न सकें।” — विशेष अभियोजक, रायपुर.



