कोरबा | छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नगर सेना (Home Guard) के जवानों ने जिला कमांडेंट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मामला उस समय बेहद गंभीर हो गया जब बर्खास्तगी से आहत एक नगर सैनिक ने कलेक्ट्रेट परिसर में जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। इस घटना के बाद आक्रोशित सैकड़ों जवानों ने नगर सेना कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
Republic Day 2026 : 77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी का देशवासियों को संदेश, ‘भारत की आन-बान और शान’
मामले की मुख्य बातें :
-
सनसनीखेज कदम: बर्खास्त जवान संतोष पटेल ने गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के दिन कलेक्ट्रेट में जहर पिया।
-
गंभीर आरोप: सुसाइड नोट में जिला सेनानी अनुज एक्का और संभागीय सेनानी पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं।
-
जवानों का प्रदर्शन: साथी की हालत देख नगर सेना के जवान लामबंद हुए और कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए।
-
प्रशासनिक दखल: मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी जवानों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
बर्खास्तगी से था आहत, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
जानकारी के अनुसार, नगर सैनिक संतोष पटेल को 21 जनवरी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। जवान का आरोप था कि उसने जिला सेनानी की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके बदले में उसे निशाना बनाया गया। अस्पताल में भर्ती जवान की जेब से मिले सुसाइड नोट में साफ लिखा है कि वह अधिकारियों के अपमानजनक व्यवहार और अनावश्यक नोटिसों से तंग आकर यह कदम उठा रहा है।
कमांडेंट अनुज एक्का के खिलाफ लामबंद हुए जवान
प्रदर्शन कर रहे जवानों का आरोप है कि जिला सेनानी अनुज एक्का छोटे-छोटे मामलों में पेशी लगाते हैं, छुट्टियां नहीं देते और जवानों से अमर्यादित व्यवहार करते हैं। महिला नगर सैनिकों ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन पर काम का अनावश्यक दबाव बनाया जाता है और विरोध करने पर बर्खास्तगी की धमकी दी जाती है।
“हम यहां सेवा करने आए हैं, गुलाम बनने नहीं। कमांडेंट साहब का व्यवहार तानाशाहीपूर्ण है। जब तक उन्हें पद से नहीं हटाया जाता, हमारा विरोध जारी रहेगा।” — प्रदर्शनकारी नगर सैनिक
अफसरों की चुप्पी और जवानों का गुस्सा
प्रदर्शन की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है। सीएसपी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे हैं, लेकिन जवान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। जवानों का कहना है कि पूर्व में भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन जांच के नाम पर केवल आश्वासन दिया गया और शिकायतकर्ताओं को और अधिक प्रताड़ित किया गया।
प्रशासन की स्थिति
फिलहाल जहर खाने वाले जवान का इलाज अस्पताल में जारी है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं, नगर सेना कार्यालय में तनाव का माहौल है। शासन स्तर पर मामले की रिपोर्ट भेजी जा रही है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।


