नई दिल्ली | 20 मार्च, 2026 ऑनलाइन फूड डिलीवरी की दिग्गज कंपनी जोमैटो (Zomato) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने आज, यानी 20 मार्च से अपनी ‘प्लेटफॉर्म फीस’ (Platform Fee) में अचानक 19% की बढ़ोतरी कर दी है। अब ग्राहकों को हर बार खाना ऑर्डर करने पर पहले के मुकाबले ज्यादा भुगतान करना होगा।
₹12.50 की जगह अब लगेंगे ₹14.90
जोमैटो ने अपनी नई दरों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। फीस में हुई इस वृद्धि का गणित कुछ इस प्रकार है:
बजट सत्र LIVE: अंतिम दिन सदन में गरमाएगा माहौल, विपक्ष हमलावर
-
पुरानी प्लेटफॉर्म फीस: ₹12.50 प्रति ऑर्डर
-
नई प्लेटफॉर्म फीस: ₹14.90 प्रति ऑर्डर
-
कुल बढ़ोतरी: ₹2.40 प्रति ऑर्डर (करीब 19% की वृद्धि)
गोल्ड मेंबर्स को भी नहीं मिलेगी राहत
हैरानी की बात यह है कि जोमैटो की इस बढ़ी हुई प्लेटफॉर्म फीस का असर ‘जोमैटो गोल्ड’ (Zomato Gold) मेंबर्स पर भी पड़ेगा। गोल्ड मेंबर्स को डिलीवरी चार्ज में तो छूट मिलती है, लेकिन प्लेटफॉर्म फीस का भुगतान उन्हें भी करना होगा। कंपनी के इस कदम से प्रति ऑर्डर की कुल लागत बढ़ जाएगी।
क्यों बढ़ाई गई फीस?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जोमैटो अपने मुनाफे (Profitability) को बढ़ाने और परिचालन लागत (Operational Costs) को संतुलित करने के लिए यह कदम उठा रही है।
-
छोटा मार्जिन, बड़ा असर: हालांकि ₹2.40 की वृद्धि सुनने में छोटी लगती है, लेकिन जोमैटो द्वारा प्रतिदिन किए जाने वाले लाखों ऑर्डर्स के हिसाब से यह कंपनी के राजस्व में करोड़ों का इजाफा करेगी।
-
स्विगी (Swiggy) पर नजर: आमतौर पर देखा गया है कि जब जोमैटो अपनी फीस बढ़ाता है, तो उसका प्रतिद्वंद्वी ‘स्विगी’ भी जल्द ही अपनी दरों में बदलाव करता है।
ग्राहकों में नाराजगी
सोशल मीडिया पर जोमैटो के इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है। कई यूजर्स का कहना है कि फूड डिलीवरी पहले से ही जीएसटी (GST), रेस्टोरेंट पैकेजिंग चार्ज और डिलीवरी फीस के कारण महंगी थी, अब प्लेटफॉर्म फीस बढ़ने से बाहर से खाना मंगवाना बजट से बाहर होता जा रहा है।



