केंद्रीय भारत में उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, रायपुर (Shri Shankaracharya Institute of Professional Studies, Raipur) तथा भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (Institute of Chartered Accountants of India) के मध्य हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) को शिक्षा-जगत में दूरगामी परिवर्तन लाने वाला कदम माना जा रहा है। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ का यह पहला कॉलेज है जिसे ICAI के साथ यह अकादमिक एवं व्यावसायिक सहयोग प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि गंगाजली एजुकेशन सोसायटी के चेयरमैन श्री आई. पी. मिश्रा के दूरदर्शी नेतृत्व तथा सोसायटी के सचिव श्री निशांत त्रिपाठी की शैक्षणिक प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। इस अवसर पर SSIPS रायपुर के एडवाइज़र श्री गुरिंदर पाल सिंह ने इसे संस्थान की अकादमिक गुणवत्ता को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। यह साझेदारी अकादमिक ज्ञान और व्यावसायिक दक्षता के बीच की दूरी को कम करते हुए वाणिज्य, प्रबंधन एवं संबद्ध विषयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की पेशेवर तैयारी प्रदान करेगी। ICAI जैसे प्रतिष्ठित वैधानिक संस्थान से जुड़ाव SSIPS रायपुर की शैक्षणिक साख को और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा पाठ्यक्रम समन्वय, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, विशेषज्ञ व्याख्यान और व्यवहारिक शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक पेशेवर वातावरण से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा।
इस समझौते को शंकराचार्य समूह के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल बताया गया है। संस्थान के प्राचार्य डॉ मनोज शर्मा के अनुसार, यह MoU न केवल वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए, बल्कि आने वाले वर्षों में SSIPS रायपुर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए भी नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। स्नातक स्तर पर ही विद्यार्थियों को चार्टर्ड अकाउंटेंसी, वित्त, ऑडिट, कराधान, कॉरपोरेट सलाह एवं कंसल्टिंग जैसे करियर विकल्पों की स्पष्ट दिशा मिलेगी। समेकित शिक्षण मॉडल के अंतर्गत विद्यार्थी स्नातक अध्ययन के साथ-साथ ICAI उन्मुख शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और करियर अधिक प्रभावी एवं लक्ष्यपरक बनेगा। ICAI के सेमिनार, वेबिनार, अध्ययन सामग्री, मेंटरशिप एवं करियर गाइडेंस तक सीधी पहुँच से विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा वे कॉरपोरेट जगत, CA फर्म, बैंक, NBFC और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में सशक्त प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। यह MoU केंद्रीय भारत के युवाओं को मेट्रो शहरों में प्रारंभिक पलायन के बिना राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। कुल मिलाकर, SSIPS–ICAI का यह समझौता मात्र एक अकादमिक औपचारिकता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और केंद्रीय भारत के विद्यार्थियों के लिए भविष्य-निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी, निर्णायक और ऐतिहासिक कदम है।


