Sukma encounter : सुकमा। जिले में शनिवार को हुए बड़े नक्सल एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने 12 खूंखार माओवादियों को मार गिराया। मारे गए माओवादियों पर कुल 60 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें कोंटा एरिया कमेटी का इंचार्ज (DVCM) वेट्टी मंगड़ू उर्फ मुक्का भी शामिल है, जो लंबे समय से सुकमा जिले में सक्रिय था और नक्सल संगठन के कुख्यात चेहरों में गिना जाता था।
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सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बताया कि दक्षिण सुकमा क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद डीआरजी (DRG) की टीम को मौके पर रवाना किया गया। सुबह करीब 8 बजे सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, इसी दौरान माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। रुक-रुक कर हुई फायरिंग के बाद जब हालात शांत हुए तो मुठभेड़ स्थल से हथियारों के साथ 12 माओवादियों के शव बरामद किए गए। बरामद हथियारों में कई घातक हथियार शामिल हैं।
एसपी के मुताबिक, मारे गए माओवादियों में पांच महिला नक्सली भी शामिल हैं। एनकाउंटर में ढेर हुए एक अन्य बड़े माओवादी की पहचान कोंटा एरिया कमेटी सचिव (ACM) माड़वी हितेश उर्फ हूंगा के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि DVCM वेट्टी मंगड़ू उर्फ मुक्का सुकमा जिले में 41 गंभीर मामलों में वांछित था। उस पर नागरिकों की हत्या, सुरक्षाबलों पर हमले और बड़े IED विस्फोटों की साजिश रचने के आरोप थे। वहीं ACM माड़वी हितेश उर्फ हूंगा 14 मामलों में वांछित था और कई संगीन वारदातों में उसकी संलिप्तता रही है।
पुलिस का कहना है कि मारे गए माओवादी शहीद एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे की शहादत से जुड़े IED ब्लास्ट कांड की साजिश में भी शामिल थे। सुरक्षा बलों ने उम्मीद जताई है कि इन 12 माओवादियों के मारे जाने से इलाके में शांति बहाली की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। फिलहाल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


