कोरबा जिले के प्रसिद्ध देवपहरी जलप्रपात में सोमवार शाम फोटो खींचने के लिए झरने के बीच पहुंचे तीन युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से नदी के बीच फंस गए। करीब 15 घंटे तक झरने के बीच फंसे रहने के बाद मंगलवार सुबह पानी का बहाव कम हुआ, जिसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
फोटो खींचने के दौरान बढ़ा नदी का जलस्तर
फंसे युवकों की पहचान गुरमा श्यांग निवासी धनेश्वर सारथी, घनश्याम महंत और सूरज सारथी के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, तीनों युवक सोमवार शाम देवपहरी जलप्रपात पहुंचे थे। फोटो खींचने के लिए वे जलप्रपात के मध्य तक चले गए।
इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया। वापसी का रास्ता पानी में डूब जाने के कारण तीनों युवक झरने के बीच ही फंस गए।
रातभर झरने के बीच सुरक्षित जगह पर रहे युवक
अंधेरा होने के कारण रात में रेस्क्यू अभियान चलाना मुश्किल था। ऐसे में तीनों युवकों ने झरने के बीच एक सुरक्षित स्थान पर रात बिताई। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए रेस्क्यू टीम से संपर्क बनाए रखा और अपनी स्थिति की जानकारी दी।
लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने के कारण युवकों की हालत खराब बताई गई, हालांकि तीनों सुरक्षित रहे। दूसरी ओर, युवकों के परिजन और स्थानीय लोग भी पूरी रात उनके सुरक्षित बाहर निकलने को लेकर चिंतित रहे।
पानी कम होते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
मंगलवार सुबह नदी का जलस्तर और पानी का बहाव कुछ कम हुआ। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने सावधानीपूर्वक झरने के बीच पहुंचकर तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू के बाद तीनों युवकों ने राहत की सांस ली। युवकों के सुरक्षित बाहर आने के बाद उनके परिजनों और स्थानीय लोगों ने भी राहत महसूस की।
बरसात में जलप्रपातों से दूरी बनाए रखने की अपील
देवपहरी जलप्रपात की यह घटना एक बार फिर बारिश के मौसम में नदी, नाले और जलप्रपातों के आसपास बरती जाने वाली सावधानी की जरूरत को सामने लाती है। बरसात के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और कुछ ही मिनटों में पानी का बहाव खतरनाक रूप ले सकता है।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में जलप्रपात, नदी और नालों के बीच जाने से बचें। पानी का बहाव कम दिखाई देने पर भी अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति जानलेवा हो सकती है।


