Trump Threat , तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई सख्त चेतावनियों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक हलकों में चर्चा है कि सुरक्षा कारणों से ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत सुरक्षित स्थानों, यानी बंकर जैसी संरचनाओं में ले जाया गया। हालांकि ईरान ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन हालात को देखते हुए यह कयास तेज हो गए हैं कि देश की शीर्ष नेतृत्व सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
Trump Threat : संभावित अमेरिकी हमले की आशंका, भूमिगत बंकर में सीमित गतिविधियों के साथ खामेनेई

ट्रंप की धमकी से क्यों बढ़ा तनाव
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में एक बार फिर ईरान के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि अमेरिकी हितों या उसके सहयोगियों पर कोई हमला होता है, तो जवाब “कठोर और निर्णायक” होगा। ट्रंप के इस बयान को ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और खाड़ी में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी से जोड़कर देखा जा रहा है।

खामेनेई की सुरक्षा पर फोकस
ईरान पहले भी कई बार अपने शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त कदम उठा चुका है। खासकर तब, जब अमेरिका और इज़राइल के साथ तनाव चरम पर होता है। इस बार भी कथित तौर पर सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। माना जा रहा है कि यह कदम सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि संभावित सैन्य या साइबर हमलों की आशंका को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

भारत को “धन्यवाद” क्यों कहा गया?
इसी बीच ईरान की ओर से भारत के लिए सकारात्मक संदेश सामने आया है। खामेनेई या ईरानी नेतृत्व की ओर से भारत को “धन्यवाद” कहे जाने के पीछे कई कूटनीतिक कारण बताए जा रहे हैं—



