UCC in CG : रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सरकार ने यूसीसी के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने और राज्य के लिए उपयुक्त प्रारूप तैयार करने के उद्देश्य से एक समिति का गठन किया है। यह समिति अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन करने के साथ-साथ प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी परिस्थितियों का भी विस्तृत परीक्षण करेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, गठित समिति यूसीसी लागू करने से जुड़े कानूनी, प्रशासनिक और सामाजिक पहलुओं का गहन अध्ययन करेगी। इसके बाद अपनी अनुशंसाओं के आधार पर राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट और प्रारूप सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
अन्य राज्यों के मॉडल का भी होगा अध्ययन
समिति उन राज्यों के मॉडल का भी अध्ययन करेगी, जहां समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है या इस दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही विभिन्न कानून विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित पक्षों से भी सुझाव लिए जाएंगे, ताकि राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी प्रारूप तैयार किया जा सके।
क्या है समान नागरिक संहिता?
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। वर्तमान में इन विषयों पर अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं। यूसीसी का उद्देश्य इन मामलों में एक समान नागरिक कानून लागू करना है।
रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
सरकार का कहना है कि समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके सुझावों का परीक्षण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा और कानूनी सलाह लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सरकार ने अध्ययन और प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार का कहना है कि किसी भी महत्वपूर्ण कानूनी बदलाव से पहले सभी पहलुओं का गंभीरता से अध्ययन किया जाएगा। समिति की सिफारिशों के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा, ताकि प्रदेश की परिस्थितियों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप प्रभावी व्यवस्था तैयार की जा सके।


