मुंबई: Uddhav and Raj Thackeray’s protest against Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार को मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने संयुक्त रूप से बड़ा प्रदर्शन किया। दोनों नेताओं की पार्टियों शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं समेत हजारों लोग इस मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने मेट्रो स्टेशन से महानगरपालिका भवन तक मार्च निकाला। इस दौरान चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा गया।
राज ठाकरे बोले- महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया रद्द हो
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में की गई SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार किसकी बनेगी, इसका फैसला जनता और मतदाताओं को करना चाहिए, चुनाव आयोग को नहीं।
राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम जोड़े गए थे और अब SIR के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों के नाम हटाए जाने की बात कही जा रही है, वे आखिर कौन हैं।
उन्होंने कहा कि उनका किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत विरोध नहीं है। उनका विरोध सरकार चलाने के तरीके और सत्ता के कथित दुरुपयोग को लेकर है।
उद्धव ठाकरे ने ज्ञानेश कुमार को बताया ‘बीजेपी का हथियार’
प्रदर्शन के दौरान उद्धव ठाकरे ने CEC ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘बीजेपी का हथियार’ बताया। शिवसेना (UBT) और MNS का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है और किसी भी तरह की कथित गड़बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
दोनों नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर उठे सवाल
SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी मतभेद के दावे सामने आए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ फैसले और आदेश दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। इन दावों के बाद विपक्षी दलों ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है।
3 दिन में तीसरा बड़ा प्रदर्शन
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब पिछले कुछ दिनों से उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे के संयुक्त प्रदर्शन को इसी अभियान की एक बड़ी कड़ी माना जा रहा है।
10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने का ऐलान
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो देशभर से लोग दिल्ली पहुंचेंगे।
दीपके ने दावा किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को कहीं रोकती है, तो उसी स्थान को आंदोलन का केंद्र बनाया जाएगा।


