बस विवाद से शुरू हुआ बवाल
हंगामे की शुरुआत गुरुवार देर शाम हुई थी। पुलिस के मुताबिक, बजरंग दल के सदस्य सोहन ठाकुर का मदारबढ़ क्षेत्र में बस को रास्ता देने की बात पर कुछ युवकों से विवाद हो गया था। आरोप है कि दूसरे पक्ष के युवकों ने ठाकुर पर हमला कर उसे घायल कर दिया। जैसे ही यह खबर फैली, हिंदूवादी संगठनों ने थाने का घेराव कर दिया और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।
- वाहनों पर हमला: आक्रोशित भीड़ ने बस स्टैंड पर खड़ी 5 बसों के कांच फोड़ दिए।
- दुकानों में तोड़फोड़: क्षेत्र की कई दुकानों को निशाना बनाया गया और जमकर पत्थरबाजी हुई।
- आमने-सामने आए दो पक्ष: शुरुआती झड़प के बाद दोनों पक्षों की ओर से पथराव हुआ, जिसमें कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है।
पुलिस का एक्शन और वर्तमान स्थिति
हालात बेकाबू होते देख उज्जैन पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल तराना भेजा गया है। पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी जा रही है। शुक्रवार रात हुई आगजनी के बाद प्रशासन ने सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया है।
“तराना में दो पक्षों के बीच विवाद के बाद कुछ अप्रिय घटनाएं हुई हैं। हमने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है। उपद्रव करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
— प्रदीप शर्मा, एसपी, उज्जैन
इलाके में भारी फोर्स, जांच जारी
फिलहाल तराना के मुख्य बाजारों और संवेदनशील चौराहों पर पुलिस का पहरा है। 10 से अधिक वाहनों में हुई तोड़फोड़ के बाद ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर भी असर पड़ा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आगजनी और पथराव करने वाले चेहरों की पहचान की जा सके। प्रशासन ने अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।


