नई दिल्ली। US Court Rejects Trump Administration: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले कैलिफोर्निया में मेल बैलेट की गिनती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। लॉस एंजिलिस के फेडरल जज डेविड कार्टर ने ट्रंप प्रशासन की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें 20 हजार से अधिक पंजीकृत मतदाताओं के मेल बैलेट की गिनती रोकने की अपील की गई थी। अमेरिकी न्याय विभाग ने आशंका जताई थी कि इन मतदाताओं में गैर-नागरिक शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अदालत ने इस आधार पर वोटों की गिनती रोकने की मांग स्वीकार नहीं की।
इस फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन को कानूनी झटका लगा है। सुनवाई के दौरान जज ने चेतावनी दी कि बिना ठोस सबूतों के मतदाताओं के वोटों को खारिज करने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। वहीं, न्याय विभाग ने फैसले के खिलाफ अपील भी दायर कर दी है।
‘लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा’, जज ने क्यों जताई चिंता?
फेडरल जज डेविड कार्टर ने सुनवाई के दौरान चुनाव प्रक्रिया में सरकारी हस्तक्षेप को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कार्यपालिका बिना पर्याप्त सबूतों के मतपत्रों को खारिज करने की कोशिश करती है, तो इससे लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
अदालत ने यह भी चिंता जताई कि ट्रंप प्रशासन की मांग स्वीकार किए जाने से हजारों योग्य मतदाताओं के वोट प्रभावित हो सकते थे। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोगों के मतदान के अधिकारों की रक्षा करना महत्वपूर्ण है।
ट्रंप प्रशासन ने क्या दी थी दलील?
अमेरिकी न्याय विभाग का तर्क था कि गैर-नागरिकों को मतदान करने से रोकने के लिए तत्काल कदम उठाना जरूरी है। इसी आधार पर विभाग ने 20 हजार से अधिक मेल बैलेट की गिनती रोकने की मांग की थी।
हालांकि, कैलिफोर्निया प्रशासन ने इन दावों पर सवाल उठाए। राज्य सरकार का कहना था कि गैर-नागरिकों को मतदान से रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद हैं। साथ ही, न्याय विभाग की ओर से पेश किए गए आंकड़ों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए गए।
कैलिफोर्निया प्रशासन ने आशंका जताई कि इस तरह की मांगों को स्वीकार करने से वास्तविक और योग्य मतदाताओं के मताधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
फैसले के खिलाफ ट्रंप प्रशासन ने की अपील
फेडरल कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी न्याय विभाग ने 9वीं सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स में अपील दायर की। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका में मध्यावधि चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। मेल बैलेट की गिनती, मतदाताओं की पात्रता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता जैसे मुद्दे अमेरिकी राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
कैलिफोर्निया के अलावा दूसरे राज्यों में भी विवाद
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया को लेकर ट्रंप प्रशासन और अन्य राज्यों के बीच भी विवाद सामने आए हैं। अलास्का में न्याय विभाग ने सीनेट सीट के चुनाव परिणामों को प्रमाणित करने पर रोक लगाने की मांग की है।
वहीं, वाशिंगटन में करीब 400 ऐसे मतदाताओं के वोटों की गिनती रोकने की मांग का मामला भी सामने आया है, जिनकी नागरिकता को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
इन मामलों ने अमेरिका में मतदाता पात्रता, चुनावी प्रक्रिया और संघीय सरकार की शक्तियों को लेकर बहस तेज कर दी है।


