US–Iran tensions नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में हालात तेजी से तनावपूर्ण होते जा रहे हैं, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच जंग की आशंका गहराने लगी है। अमेरिका और ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है, वहीं ईरान ने एहतियातन अपने एयरस्पेस को कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए बंद कर दिया है। इन कदमों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पक्ष किसी भी संभावित टकराव को लेकर सतर्क हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी देते रहे हैं। दूसरी ओर, ईरान ने भी साफ कर दिया है कि यदि युद्ध की स्थिति बनी तो उसकी आग पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकती है।
ट्रंप नहीं चाहते लंबी जंग
न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सुरक्षा सलाहकारों से ईरान के खिलाफ ऐसे विकल्पों पर विचार करने को कहा है, जिससे एक निर्णायक कदम उठाया जा सके। ट्रंप किसी लंबी और महीनों चलने वाली जंग के पक्ष में नहीं हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका अचानक किसी बड़े हमले की रणनीति अपना सकता है, ताकि जमीनी युद्ध से बचा जा सके।
एक हमले से नतीजे पर संशय
हालांकि, अमेरिकी सलाहकार इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं कि केवल एक बड़े हमले से ईरान को कमजोर किया जा सकेगा। उन्हें आशंका है कि ईरान पलटवार कर सकता है, जिससे मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
अमेरिकी ठिकाने ईरान के निशाने पर
इराक, सीरिया समेत कई देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डे मौजूद हैं, जो ईरान के संभावित टारगेट में आ सकते हैं। ऐसे में अगर संघर्ष शुरू हुआ तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया में देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम की ओर बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है


