- स्कोरबोर्ड अपडेट: लोकसभा की कुल सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव।
- विमेंस कोटा: 816 में से 273 सीटें विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
- डेडलाइन: इसी महीने संसद में बिल पारित होने की पूरी संभावना।
Women’s Reservation Bill 2026 , नई दिल्ली — केंद्र सरकार ने भारतीय राजनीति की ‘पिच’ पर अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन ड्राफ्ट को हरी झंडी मिल गई। इस मास्टरस्ट्रोक के साथ न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि लोकसभा का पूरा ढांचा ही बदल जाएगा। सरकार ने सीटों की संख्या में भारी बढ़ोतरी कर चुनावी मुकाबले को एक नए रोमांच पर पहुँचा दिया है।
चुनावी गणित: 543 से 816 तक का सफर
इस संशोधन के बाद लोकसभा की कुल सीटों का आंकड़ा 816 तक पहुँच जाएगा। यह विस्तार दशकों पुराने परिसीमन के इंतजार को खत्म करने जैसा है। नई व्यवस्था के तहत महिलाओं के लिए 273 सीटें रिजर्व की गई हैं, जो सीधे तौर पर सदन में उनकी ताकत को ‘सुपर-साइज’ कर देगी।
- मौजूदा सीटें: 543
- प्रस्तावित नई सीटें: 816
- महिला आरक्षण (33%): 273 सीटें
“नारी शक्ति वंदन अधिनियम का यह नया ड्राफ्ट विकसित भारत की ओर एक बड़ा कदम है। हम प्रतिनिधित्व की बाधाओं को तोड़कर सदन को और अधिक समावेशी बना रहे हैं।” — कैबिनेट ब्रीफिंग सूत्र



