Baleshwar Sahu arrested जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी खबर सामने आ रही है। जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक बालेश्वर साहू को धोखाधड़ी के एक मामले में जेल दाखिल करा दिया गया है। करोड़ों रुपये के कथित गबन और दस्तावेजों में हेराफेरी के आरोप में कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका (Regular Bail) को खारिज कर दिया है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत जांजगीर में पहली बड़ी कार्रवाई, ड्रग तस्कर की 35 लाख की संपत्ति अटैच
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 42 लाख 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है। ग्राम परसापाली (थाना सारागांव) निवासी राम कुमार शर्मा ने विधायक बालेश्वर साहू और उनके सहयोगी गौतम राठौर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत और जांच के मुख्य बिंदु:
- धोखाधड़ी की रकम: प्रार्थी ने आरोप लगाया था कि विधायक और गौतम राठौर ने मिलकर उनके साथ 42,78,000 रुपये की धोखाधड़ी की है।
- पुलिस जांच: पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर कराई गई जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद 3 अक्टूबर 2025 को चाम्पा थाने में अपराध क्रमांक 450/2025 दर्ज किया गया।
- लगीं गंभीर धाराएं: पुलिस ने विधायक के खिलाफ IPC (भादवि) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (मूल्यवान सुरक्षा की जालसाजी), 468, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था।
कोर्ट में क्या हुआ?
9 जनवरी 2026 को पुलिस ने मामले की विवेचना पूर्ण करने के बाद सीजेएम (CJM) न्यायालय में अभियोग पत्र (Charge Sheet) पेश किया।
- जेल वारंट: न्यायालय द्वारा चालान स्वीकार किए जाने के तुरंत बाद आरोपियों के खिलाफ जेल वारंट जारी कर दिया गया।
- जमानत खारिज: विधायक बालेश्वर साहू के वकील ने उसी समय नियमित जमानत के लिए आवेदन दिया। हालांकि, न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए इस आवेदन को खारिज कर दिया।
- गिरफ्तारी और जेल: जमानत अर्जी खारिज होते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाई और विधायक को हिरासत में लेकर जेल दाखिल करा दिया।
विधायक और सहयोगी दोनों पर अपराध सिद्ध
पुलिस की जांच और साक्ष्य संग्रह में विधायक बालेश्वर साहू और गौतम राठौर दोनों के विरुद्ध अपराध प्रथम दृष्टया सिद्ध पाया गया है। विधायक की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उनके समर्थकों में मायूसी है, वहीं विपक्षी दल इसे सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति बता रहे हैं



