T20 World Cup— टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम अब उस मोड़ पर खड़ी है जहां एक भी चूक टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा सकती है। भारत को सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए अपने अगले दोनों मुकाबले जीतना अनिवार्य है। हालांकि, टीम की सबसे बड़ी चिंता शीर्ष और मध्यक्रम के बल्लेबाजों का खराब फॉर्म है। अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह जैसे युवा सितारों के लगातार फ्लॉप होने से टीम प्रबंधन के रणनीतिक फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
T20 World Cup: टीम इंडिया के लिए ‘करो या मरो’ की जंग, अभिषेक-रिंकू के फ्लॉप शो और अक्षर को ड्रॉप करने पर बढ़ा विवाद

अभिषेक और तिलक का प्रदर्शन: उम्मीदों पर फिरा पानी
टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले अभिषेक शर्मा को टीम के ‘एक्स-फैक्टर’ के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन उनके आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। अभिषेक ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केवल 15 रन बनाए, जबकि अमेरिका, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ वह शून्य पर पवेलियन लौटे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की शैली अब टीम के लिए कमजोरी साबित हो रही है।
वहीं, तिलक वर्मा ने मध्यक्रम में स्थिरता देने की कोशिश जरूर की है, लेकिन उनकी गति धीमी रही है। तिलक ने 5 मैचों में 107 रन बनाए हैं, लेकिन 21.40 का औसत टी-20 के आधुनिक मानकों और टीम की तात्कालिक जरूरत के हिसाब से काफी कम है। डेथ ओवरों के विशेषज्ञ माने जाने वाले रिंकू सिंह ने भी निराश किया है; उन्होंने 5 मैचों में महज 24 रन जोड़े हैं, जिससे फिनिशिंग टच गायब नजर आ रहा है।
अक्षर पटेल को बाहर रखने पर उठा विवाद
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच में उपकप्तान अक्षर पटेल को अंतिम एकादश (Playing XI) से बाहर रखने के फैसले ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। अक्षर ने पिछले मैचों में अमेरिका, नामीबिया और पाकिस्तान के खिलाफ गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया था। सोशल मीडिया और खेल विशेषज्ञों के बीच इस ‘रणनीतिक बदलाव’ की तीखी आलोचना हो रही है।
मैनेजमेंट की सफाई: “मैच-अप” का दिया हवाला
टीम के कोचिंग स्टाफ ने इस विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। रयान टेन डोएशे और सितांशु कोटक ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी खिलाड़ी के खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया था।
“हमने अंतिम एकादश चुनने से पहले काफी मंथन किया था। हमारा पूरा ध्यान मैच-अप (Match-ups) पर था। हमें निचले क्रम में मजबूती के लिए आठवें बल्लेबाज की जरूरत महसूस हुई, इसी आधार पर फैसला लिया गया। अक्षर पटेल की नेतृत्व क्षमता और उनकी अहमियत से कोई इनकार नहीं कर सकता।”
— रयान टेन डोएशे, टीम कोच
अगली राह: क्या टीम में होगा बदलाव?
भारत के लिए अब प्रयोग की गुंजाइश खत्म हो चुकी है। अगले मुकाबले में टीम प्रबंधन को यह तय करना होगा कि क्या वे इन आउट-ऑफ-फॉर्म खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखेंगे या अक्षर पटेल जैसे अनुभवी ऑलराउंडर की वापसी कराएंगे। प्रशंसकों की नजरें अब चयनकर्ताओं पर हैं कि क्या वे दबाव के क्षणों में सही संतुलन बना पाते हैं।


