- हंगामे की वजह: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बिलासपुर दौरे के दौरान भाजपा नेत्री गौरी गुप्ता को सर्किट हाउस के अंदर जाने से पुलिस ने रोक दिया।
- प्रोटोकॉल वॉर: नेत्री ने पुलिस पर प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई।
- वायरल फुटेज: रविवार रात हुई इस तीखी बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है।
CM Vishnu Deo Sai , बिलासपुर — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बिलासपुर आगमन पर रविवार रात सर्किट हाउस परिसर एक राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। सुरक्षा घेरे और प्रोटोकॉल को लेकर भाजपा नेत्री गौरी गुप्ता और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच जमकर ‘शब्द युद्ध’ हुआ। जब पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर एंट्री रोकी, तो नेत्री ने तीखे तेवर दिखाते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर दिए।
मैदान पर तनातनी: जब ‘प्रोटोकॉल’ बना बहस का मुद्दा
रविवार रात का माहौल उस समय गर्मा गया जब मुख्यमंत्री सर्किट हाउस के भीतर मौजूद थे। भाजपा के कई स्थानीय पदाधिकारी उनसे मिलने पहुंच रहे थे, लेकिन एंट्री गेट पर पुलिस ने ‘सख्त फील्डिंग’ लगा रखी थी।
- एंट्री ब्लॉक: भाजपा नेत्री गौरी गुप्ता जैसे ही अंदर जाने लगीं, पुलिस टीम ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया।
- पुलिस का डिफेंस: सुरक्षाकर्मियों का कहना था कि उन्हें केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश देने के निर्देश मिले हैं।
- काउंटर अटैक: गौरी गुप्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा, “क्या आप प्रोटोकॉल नहीं जानते?” उन्होंने पुलिस पर बदसलूकी और पक्षपात के आरोप लगाए।
सर्किट हाउस के बाहर करीब 15-20 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। शोर सुनकर वहां मौजूद अन्य भाजपा कार्यकर्ता भी जमा हो गए, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।
“मुख्यमंत्री हमारे नेता हैं और हम उनसे मिलने आए हैं। पुलिस जिस तरह का व्यवहार कर रही है, वह बर्दाश्त के बाहर है। क्या इन्हें प्रोटोकॉल की समझ नहीं है? कार्यकर्ताओं को अपने ही मुख्यमंत्री से मिलने से रोकना गलत है।”
— गौरी गुप्ता, भाजपा नेत्री



