Ramayana’ नई दिल्ली | 30 अप्रैल, 2026 80 के दशक में जब रामानंद सागर की ‘Ramayana’ टीवी पर आती थी, तो गलियां सूनी हो जाती थीं। इस धारावाहिक में पक्षीराज जटायु का वह दृश्य आज भी लोगों की आंखों में आंसू ला देता है, जब वे माता सीता को बचाने के लिए रावण से लोहा लेते हैं और घायल होकर प्रभु राम की गोद में अंतिम सांस लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारी-भरकम कॉस्ट्यूम के पीछे इस भावुक किरदार को जीवंत करने वाले अभिनेता सुनील पांडे आज कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं?
एक्टिंग की दुनिया से बनाई दूरी
रामायण की अपार सफलता के बाद जहाँ अरुण गोविल (राम) और दीपिका चिखलिया (सीता) को घर-घर में पूजा जाने लगा, वहीं जटायु का किरदार निभाने वाले सुनील पांडे धीरे-धीरे ग्लैमर की दुनिया से ओझल हो गए।
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करियर का चुनाव: रामायण के बाद उन्होंने कुछ अन्य प्रोजेक्ट्स में काम किया, लेकिन उन्हें वह पहचान दोबारा नहीं मिली जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
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वर्तमान स्थिति: खबरों की मानें तो सुनील पांडे ने अभिनय की दुनिया को पूरी तरह अलविदा कह दिया है। वे अब लाइमलाइट से दूर अपने परिवार के साथ सादगी भरा जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
बिना VFX के ऐसे शूट हुआ था ‘जटायु’ का सीन
उस दौर में आज की तरह आधुनिक कंप्यूटर ग्राफिक्स (CGI) नहीं थे। हाल ही में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी ने खुलासा किया था कि जटायु के सीन शूट करना कितना चुनौतीपूर्ण था:
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जुगाड़ तकनीक: जटायु के पंखों को हिलाने के लिए पीछे से धागों और मैकेनिकल स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया गया था।
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कठिन शूटिंग: अभिनेता को घंटों तक उस भारी पंख वाले सूट में रहना पड़ता था, जो शारीरिक रूप से काफी थका देने वाला होता था। बावजूद इसके सुनील पांडे ने अपनी आंखों और संवादों से उस दर्द को पर्दे पर उतार दिया।
आज भी लोग करते हैं याद
सोशल मीडिया पर अक्सर रामायण के पुराने क्लिप्स वायरल होते रहते हैं। जटायु और भगवान राम के मिलाप वाले दृश्य को देखकर आज की पीढ़ी भी सुनील पांडे के अभिनय की कायल हो जाती है। हालांकि वे अब किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या टीवी शो में नजर नहीं आते, लेकिन ‘जटायु’ के रूप में उनका योगदान भारतीय टेलीविजन के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।


