नई दिल्ली। तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) और AMMK के बीच विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार देर रात TVK ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि AMMK के नवनिर्वाचित विधायक कामराज ने स्वयं उनकी पार्टी को समर्थन देने के लिए पत्र लिखा है।
TVK ने अपने बयान में कहा कि वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि विधायक कामराज अपनी मर्जी से और खुशी-खुशी समर्थन पत्र लिख रहे हैं। पार्टी का यह भी दावा है कि कामराज ने यह समर्थन AMMK के महासचिव टी.टी.वी. दिनाकरन की सहमति से दिया था।
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर टी.टी.वी. दिनाकरन ने TVK के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात कर एक पत्र सौंपा, जिसमें कहा गया कि AMMK के एकमात्र विधायक एनडीए और एआईएडीएमके गठबंधन के प्रति वफादार हैं। दिनाकरन ने समर्थन पत्र को फर्जी बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।
वहीं, TVK ने दिनाकरन पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वे झूठी खबरें और भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। पार्टी ने कहा कि सच्चाई को छिपाकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है।
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TVK ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बनाने के लिए वह किसी तरह की राजनीतिक सौदेबाजी में शामिल नहीं है और उसे जनता का समर्थन प्राप्त है।
गौरतलब है कि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से 10 सीटें कम होने के कारण उसे सरकार बनाने के लिए अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में यह विवाद राज्य की सियासत को और भी गरमा रहा है।


