Trump’S Direct Threat To Iran : वॉशिंगटन | शनिवार, 9 मई 2026 अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी नाजुक युद्धविराम को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। वॉशिंगटन में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि भले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास सैन्य झड़पें हुई हों, लेकिन आधिकारिक रूप से सीजफायर अभी भी प्रभावी है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि ईरान ने अपनी हरकतों से समझौता तोड़ा, तो अमेरिका की ओर से ऐसा ‘धमाका’ होगा जिसे पूरी दुनिया देखेगी।
‘रोशनी का पहाड़’ देख लेगा ईरान
ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा, “आपको यह पता करने के लिए अखबार पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि सीजफायर खत्म हुआ या नहीं। बस ईरान की तरफ देखिएगा, वहां से उठता हुआ रोशनी का एक बड़ा पहाड़ दिखाई देगा।” ट्रंप का यह इशारा ईरान के परमाणु ठिकानों या महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर बड़े हमले की ओर माना जा रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ी सैन्य हलचल
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के पास अमेरिकी युद्धपोतों और ईरानी ड्रोन्स व छोटी नावों के बीच सैन्य झड़पें हुई हैं।
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अमेरिकी दावा: अमेरिका ने इसे ईरान की ओर से उकसावा बताया है।
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ईरान का रुख: ईरान ने इन झड़पों के लिए अमेरिकी नौसैनिकों की मौजूदगी और उनकी नाकेबंदी को जिम्मेदार ठहराया है।
युद्धविराम की मौजूदा स्थिति
8 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद दोनों देशों के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिसे बाद में अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया था।
विशेषज्ञों की राय
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान ‘प्रेशर टैक्टिक्स’ (दबाव की नीति) का हिस्सा है ताकि ईरान को अंतिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जा सके। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि उन्हें “बिना शर्त आत्मसमर्पण” या “एक ठोस परमाणु समझौता” ही मंजूर है।


