CG NEWS : खैरागढ़, 21 जुलाई। कानून की किताबों के जरिए लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने वाला एक वकील दंपती अब खुद अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पुलिस के दरवाजे पहुंचा है। खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम देवरी में अंतरजातीय विवाह को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासन और पुलिस तक पहुंच गया है। दंपती ने आरोप लगाया है कि गांव में उनका सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
एसपी कार्यालय पहुंचकर की शिकायत
वकील दंपती ने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में कहा गया है कि अंतरजातीय विवाह के बाद गांव के कुछ लोगों ने उनके परिवार से दूरी बना ली है और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका जा रहा है। दंपती का आरोप है कि उन्हें गांव में अपमानजनक टिप्पणियों और दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
गांव में बढ़ा तनाव
दंपती के अनुसार, विवाह के बाद से गांव का माहौल बदल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके साथ बातचीत बंद कर दी है और अन्य ग्रामीणों पर भी उनसे संबंध न रखने का दबाव बनाया जा रहा है। दंपती का कहना है कि यह स्थिति उनके सामाजिक जीवन और पेशेवर कार्यों को प्रभावित कर रही है।
हालांकि गांव के कुछ लोगों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि मामला आपसी मतभेद का है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन
एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शिकायत प्राप्त हो गई है और संबंधित थाना पुलिस को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को धमकी, प्रताड़ना या सामाजिक बहिष्कार के जरिए परेशान किया जा रहा है, तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
अंतरजातीय विवाह पर फिर उठी बहस
इस घटना के बाद क्षेत्र में अंतरजातीय विवाह और सामाजिक स्वीकार्यता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि संविधान सभी बालिग नागरिकों को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार देता है और ऐसे मामलों में किसी प्रकार का दबाव या भेदभाव उचित नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई जगह सामाजिक परंपराएं और जातीय सोच ऐसे विवाहों को लेकर विवाद का कारण बन जाती हैं।


