नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस मामले से जुड़े प्रमुख आपराधिक मामलों की सुनवाई तेज करने के लिए चार शहरों में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इन अदालतों में मामलों की रोजाना सुनवाई होगी ताकि आरोपियों को जल्द सजा दिलाई जा सके।
इन चार शहरों में बनेंगे विशेष कोर्ट
सूत्रों के अनुसार, NEET पेपर लीक से जुड़े मामले महाराष्ट्र के औरंगाबाद और नागपुर, पश्चिम बंगाल के कोलकाता तथा मध्य प्रदेश के जबलपुर में दर्ज किए गए हैं। केंद्र सरकार इन चारों राज्यों के मुख्य न्यायाधीशों (Chief Justices) को पत्र लिखकर विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करेगी।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य लंबी न्यायिक प्रक्रिया को कम करना और छात्रों के बीच परीक्षा प्रणाली के प्रति भरोसा बहाल करना है।
रोजाना सुनवाई की तैयारी
प्रस्तावित फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों की दैनिक सुनवाई कराई जाएगी। जांच एजेंसियों को भी निर्देश दिए जा सकते हैं कि वे समयबद्ध तरीके से चार्जशीट दाखिल करें। सूत्रों के मुताबिक, अदालतों में डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और आरोपी नेटवर्क से जुड़े दस्तावेजों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई होगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार चाहती है कि पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों में शामिल लोगों को जल्द सजा मिले ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लगाई जा सके।
प्रदर्शन के बीच आया फैसला
देश के कई हिस्सों में छात्र संगठन और अभिभावक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पेपर लीक ने लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। जंतर-मंतर समेत कई शहरों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठ रही है।
सरकार का मानना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक निवारक संदेश भी होगा कि परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी।


