Friendship Day Special : नई दिल्ली। दोस्ती पर बॉलीवुड ने कई ऐसे गीत दिए हैं, जो समय के साथ और भी खास बन गए। लेकिन जब भी सच्ची दोस्ती की बात होती है, तो सबसे पहले जिस गीत का नाम जुबान पर आता है, वह है “यारी है ईमान मेरा, यार मेरी जिंदगी”। साल 1973 में रिलीज हुई फिल्म ‘जंजीर’ का यह सदाबहार गीत आज भी फ्रेंडशिप डे की प्लेलिस्ट में सबसे ऊपर रहता है। खास बात यह है कि इस गाने को उस दौर के मशहूर अभिनेता प्राण पर फिल्माया गया था, जिन्हें लंबे समय तक हिंदी सिनेमा का सबसे लोकप्रिय ‘खलनायक’ माना जाता रहा।
53 साल बाद भी नहीं फीका पड़ा गाने का जादू
करीब 53 साल पहले रिलीज हुआ यह गीत आज भी दोस्ती की मिसाल माना जाता है। हर फ्रेंडशिप डे, कॉलेज फेस्ट, स्कूल समारोह और दोस्तों की महफिल में यह गीत जरूर सुनाई देता है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नई पीढ़ी भी इसे उतना ही पसंद करती है, जितना उस दौर के दर्शक करते थे।
‘जंजीर’ में दोस्ती का सबसे मजबूत संदेश
फिल्म ‘जंजीर’ में अमिताभ बच्चन ने इंस्पेक्टर विजय की भूमिका निभाई थी, जबकि प्राण ने शेर खान का किरदार निभाया था। शुरुआत में दोनों के बीच टकराव होता है, लेकिन बाद में यही रिश्ता गहरी दोस्ती में बदल जाता है। इसी दोस्ती को खूबसूरती से दर्शाने के लिए “यारी है ईमान मेरा” गीत फिल्माया गया, जिसने कहानी को नई ऊंचाई दी।
प्राण ने बदल दी थी ‘विलेन’ की पहचान
प्राण को हिंदी सिनेमा में लंबे समय तक खलनायक के रूप में देखा गया। उनकी दमदार अदाकारी से दर्शक उन्हें पर्दे पर देखकर नफरत करने लगते थे। लेकिन शेर खान के किरदार ने उनकी छवि को नया आयाम दिया। इस फिल्म में उन्होंने दोस्ती, वफादारी और इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की कि दर्शकों ने उन्हें भरपूर प्यार दिया।
संगीत और बोल ने बनाया अमर
इस गीत के बोल दोस्ती की सच्ची भावना को बयां करते हैं। संगीत, गायकी और भावनात्मक प्रस्तुति ने इसे केवल एक फिल्मी गीत नहीं रहने दिया, बल्कि दोस्ती का प्रतीक बना दिया। यही वजह है कि दशकों बाद भी यह गीत हर उम्र के लोगों की पसंद बना हुआ है।


