नई दिल्ली। 186 यात्रियों को लेकर उड़ान भर चुके एक विमान में अचानक तकनीकी खराबी आने से यात्रियों और विमान कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। उड़ान के दौरान विमान के इंजन नंबर-2 में खराबी की जानकारी सामने आने के बाद पायलटों ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान को सुरक्षित उतारने का फैसला किया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना दी गई और विमान के लिए इमरजेंसी लैंडिंग की व्यवस्था की गई। बताया जा रहा है कि समय रहते तकनीकी समस्या का पता चलने और पायलटों की सतर्कता के कारण विमान को सुरक्षित उतार लिया गया।
पायलट ने लिया तुरंत फैसला
विमान के इंजन नंबर-2 में खराबी की सूचना मिलने के बाद कॉकपिट क्रू ने विमान की तकनीकी स्थिति का आकलन किया। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलट ने सामान्य उड़ान जारी रखने के बजाय इमरजेंसी लैंडिंग का निर्णय लिया।
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इसके बाद संबंधित एयरपोर्ट के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया। रनवे और आपातकालीन सेवाओं को भी तैयार रखा गया, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
सुरक्षित उतरा विमान, यात्रियों ने ली राहत की सांस
इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विमान में मौजूद 186 यात्रियों की सांसें थम गई थीं। हालांकि विमान के सुरक्षित जमीन पर उतरते ही सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
लैंडिंग के बाद यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया। एयरलाइन और एयरपोर्ट अधिकारियों की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
तकनीकी जांच के लिए विमान को किया गया अलग
सुरक्षित लैंडिंग के बाद विमान को तकनीकी जांच के लिए अलग कर दिया गया। इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इंजन नंबर-2 में आई खराबी की जांच कर रही है।
विमानन क्षेत्र में उड़ान के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी चेतावनी मिलने पर सुरक्षा मानकों के तहत तत्काल कार्रवाई की जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंजन से जुड़ी किसी भी असामान्य स्थिति को गंभीरता से लिया जाता है और पूरी जांच के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान की अनुमति दी जाती है।


