Ganesh Chaturthi 2026 नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की पूजा और आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान भक्त अपने घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित करते हैं। आमतौर पर प्रतिमा के स्वरूप, पूजा सामग्री और प्रसाद का विशेष ध्यान रखा जाता है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में गणेश प्रतिमा के रंग का भी विशेष महत्व बताया गया है।
मान्यता के अनुसार अलग-अलग रंगों का संबंध विभिन्न ग्रहों और उनके गुणों से माना जाता है। ऐसे में भक्त अपनी राशि के अनुसार गणेश जी की प्रतिमा का रंग चुन सकते हैं। साल 2026 में गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा।
मेष राशि के लिए लाल रंग के गणपति
मेष राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं और मंगल का संबंध लाल रंग से माना जाता है। इसलिए मेष राशि के जातकों के लिए लाल रंग की गणेश प्रतिमा शुभ मानी जाती है। यह रंग साहस, ऊर्जा, कार्यक्षमता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है।
वृषभ राशि के लिए क्रीम या गुलाबी रंग
वृषभ राशि पर शुक्र ग्रह का प्रभाव माना जाता है। इस राशि के जातक क्रीम या हल्के गुलाबी रंग की गणेश प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। इन रंगों को सुंदरता, प्रेम, सुख, सद्भाव और स्थिरता से जोड़ा जाता है।
मिथुन और कन्या के लिए हरे रंग के गणपति
मिथुन और कन्या दोनों राशियों के स्वामी बुध माने जाते हैं। बुध ग्रह से हरे रंग का संबंध माना जाता है। इसलिए इन दोनों राशियों के जातकों के लिए हरे रंग की गणेश प्रतिमा शुभ विकल्प हो सकती है। इसे बुद्धि, सीखने, संचार और व्यापार से जोड़ा जाता है।
कर्क राशि के लिए सफेद गणेश प्रतिमा
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा माने जाते हैं। इस राशि के जातक सफेद रंग की गणेश प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। सफेद रंग शांति, पवित्रता, भावनात्मक संतुलन और पारिवारिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है।
सिंह राशि के लिए नारंगी या केसरिया रंग
सिंह राशि का संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है। इसलिए इस राशि के जातकों के लिए नारंगी, केसरिया या हल्के सुनहरे रंग की गणेश प्रतिमा शुभ मानी जाती है। ये रंग आत्मविश्वास, नेतृत्व, ऊर्जा और शक्ति से जुड़े माने जाते हैं।
तुला राशि के लिए गुलाबी और पेस्टल नीला
तुला राशि के स्वामी शुक्र माने जाते हैं। इस राशि के जातक गुलाबी या पेस्टल नीले रंग की गणेश प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं में इन रंगों को प्रेम, सौंदर्य, संतुलन और रिश्तों में सामंजस्य से जोड़ा जाता है।
वृश्चिक राशि के लिए गहरा लाल या मैरून
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए गहरा लाल या मैरून रंग शुभ माना जाता है। इन रंगों को भावनात्मक साहस, मजबूती और नियंत्रित शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
धनु राशि के लिए पीले रंग के गणपति
धनु राशि का संबंध बृहस्पति ग्रह से माना जाता है। इसलिए धनु राशि के जातक पीले रंग की गणेश प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। पीला रंग शिक्षा, ज्ञान, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।
मकर राशि के लिए ग्रे या मिट्टी के रंग
मकर राशि का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। इस राशि के जातकों के लिए ग्रे, पत्थर या मिट्टी के भूरे रंग की गणेश प्रतिमा शुभ मानी जाती है। ये रंग धैर्य, अनुशासन और स्थिर प्रगति के प्रतीक माने जाते हैं।
कुंभ राशि के लिए नीले रंग के गणपति
कुंभ राशि के जातकों के लिए नीले रंग की गणेश प्रतिमा शुभ विकल्प मानी जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं में नीला रंग गहराई, स्थिरता और गंभीरता से जुड़ा माना जाता है।
मीन राशि के लिए पीले रंग की प्रतिमा
मीन राशि का स्वामी बृहस्पति माना जाता है। इसलिए मीन राशि के जातकों के लिए पीले रंग की गणेश प्रतिमा शुभ मानी जाती है। इसे ज्ञान, सकारात्मकता, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति से जोड़ा जाता है।


