CG Patwari Strike : रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। राजस्व पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप को निलंबित कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में शासन और पटवारी संघ के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका है। वहीं, संघ ने इस कार्रवाई को दमनात्मक बताते हुए नाराजगी जाहिर की है। पटवारी संघ का आरोप है कि PV ऐप का विरोध करने वाले कर्मचारियों और पदाधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है।
हड़ताल के बीच प्रदेश अध्यक्ष पर गिरी निलंबन की गाज
प्रदेश में राजस्व पटवारी अपनी विभिन्न मांगों और PV ऐप से जुड़ी व्यवस्था के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस बीच सरकार ने राजस्व पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप को निलंबित करने का फैसला लिया है।
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सरकार की इस कार्रवाई को हड़ताल के बीच प्रशासनिक स्तर पर उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष के निलंबन की खबर सामने आने के बाद पटवारी संघ के सदस्यों में नाराजगी बढ़ गई है।
PV ऐप के विरोध को लेकर बढ़ा विवाद
पटवारियों की नाराजगी की प्रमुख वजह PV ऐप को लेकर है। संघ के पदाधिकारी इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐप से जुड़ी व्यवस्था और कार्यप्रणाली को लेकर कर्मचारियों के सामने कई तरह की समस्याएं हैं।
इसी मुद्दे को लेकर पटवारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। संघ का आरोप है कि जो कर्मचारी और पदाधिकारी PV ऐप का विरोध कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
पटवारी संघ ने कार्रवाई को बताया दमनात्मक
प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप के निलंबन पर पटवारी संघ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संघ ने सरकार की इस कार्रवाई को दमनात्मक करार देते हुए विरोध जताया है।
संघ का आरोप है कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए पदाधिकारियों और विरोध करने वाले कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। पटवारी संघ का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए, न कि कार्रवाई के माध्यम से।
सरकार और पटवारी संघ के बीच बढ़ सकता है टकराव
प्रदेश अध्यक्ष के निलंबन के बाद पटवारियों की हड़ताल और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। यदि आंदोलन लंबा चलता है तो इसका असर आम लोगों के राजस्व संबंधी कामकाज पर पड़ सकता है।
पटवारियों के हड़ताल पर रहने से जमीन के रिकॉर्ड, नामांतरण, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्रों से जुड़े सत्यापन और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हो सकते हैं।



