Hum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Reading: धरती पर गिरने वाला है 55 साल से शुक्र ग्रह पर टिका रूस का ये बड़ा अंतरिक्ष यान, वैज्ञानिकों में मचा हड़कंप
Font ResizerAa
Hum Vatan NewsHum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.

Home » धरती पर गिरने वाला है 55 साल से शुक्र ग्रह पर टिका रूस का ये बड़ा अंतरिक्ष यान, वैज्ञानिकों में मचा हड़कंप

Featuredदेश - विदेश

धरती पर गिरने वाला है 55 साल से शुक्र ग्रह पर टिका रूस का ये बड़ा अंतरिक्ष यान, वैज्ञानिकों में मचा हड़कंप

Hum Vatan News
Last updated: May 2, 2025 4:20 PM
By
Hum Vatan News
Share
SHARE
× Popup Image

मॉस्कोः सोवियत युग का 55 साल पुराना एक अंतरिक्ष यान शुक्र ग्रह से धरती पर गिरने वाला है। ऐसी आशंका जाहिर किए जाने के बाद से वैज्ञानिकों में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि सोवियत संघ का यह अंतरक्षि यान 1970 के दशक में शुक्र ग्रह पर उतरा था, जो अब तक टिका हुआ था। मगर यह एक अंतरिक्ष यान अब अपना निंयत्रण खो चुका है और जल्द ही अनियंत्रित होकर वापस धरती पर गिर सकता है।

Contents
उल्का पिंड के समान है रूस का अंतरिक्ष यान53 साल से चक्कर लगा रहा कैप्सूलहो सकती हैं ये घटनाएंकहां गिर सकता है अंतरिक्ष यान का मलबा

बेंगलुरु कॉन्सर्ट के दौरान भड़के सोनू निगम, फैन पर फूटा गुस्सा, बताने लगे पहलगाम हमले की वजह

- Advertisement -
HTML5 Icon

द गार्जियन ने अंतरिक्ष मलबे पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार रिपोर्ट में कहा है कि यह जानना अभी बहुत जल्दी है कि अगर अंतरिक्ष यान धरती पर गिरता है तो इसकी धातु का आधा टन द्रव्यमान कहाँ गिरेगा या इसका कितना हिस्सा पुनः प्रवेश करने पर बच जाएगा। डच वैज्ञानिक मार्को लैंगब्रोक का इस बारे में अनुमान है कि विफल अंतरिक्ष यान 10 मई के आसपास पुनः प्रवेश करेगा। उनका अनुमान है कि अगर यह बरकरार रहा तो यह 150 मील प्रति घंटे (242 किमी/घंटा) की रफ़्तार से यह दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा।

- Advertisement -
HTML5 Icon

उल्का पिंड के समान है रूस का अंतरिक्ष यान

लैंगब्रोक ने एक ईमेल में कहा, “ऐसा नहीं है कि इस घटना में कोई जोखिम नहीं होगा। मगर हमें बहुत चिंतित नहीं होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि यह वस्तु अपेक्षाकृत छोटी है और भले ही यह टूटकर अलग न हो, “जोखिम एक यादृच्छिक उल्कापिंड के गिरने के समान है, जो हर साल कई बार होता है। उन्होंने कहा कि आपके जीवनकाल में बिजली गिरने का जोखिम अधिक होता है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यान के किसी व्यक्ति या किसी चीज़ से टकराने की संभावना बहुत कम है। “लेकिन इसे पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता।”

वैभव सूर्यवंशी IPL इतिहास में ऐसा करने वाले बने 7वें प्लेयर, रैना-वॉटसन भी इस लिस्ट में शामिल

53 साल से चक्कर लगा रहा कैप्सूल

सोवियत संघ ने 1972 में कोस्मोस 482 नामक यह अंतरिक्ष यान लॉन्च किया था, जो शुक्र मिशन की श्रृंखला में से एक था। लेकिन रॉकेट की खराबी के कारण यह कभी पृथ्वी की कक्षा से बाहर नहीं निकल पाया।इसका अधिकांश भाग एक दशक के भीतर ही ढह गया। लैंगब्रोक और अन्य लोगों का मानना ​​है कि लैंडिंग कैप्सूल – लगभग 3 फीट (1 मीटर) व्यास वाली एक गोलाकार वस्तु – पिछले 53 वर्षों से अत्यधिक अण्डाकार कक्षा में दुनिया का चक्कर लगा रही है, धीरे-धीरे इसकी ऊंचाई कम होती जा रही है।

हो सकती हैं ये घटनाएं

वैज्ञानिकों के अनुसार यह बहुत संभव है कि 1,000 पाउंड से अधिक (लगभग 500 किलोग्राम) का अंतरिक्ष यान कक्षा में पुनः प्रवेश करने के बाद भी बच जाए। नीदरलैंड के डेल्फ़्ट यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी के लैंगब्रोक ने बताया कि इसे शुक्र के कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वायुमंडल से होकर गुजरने के लिए बनाया गया था। विशेषज्ञों को संदेह है कि इतने सालों के बाद पैराशूट सिस्टम काम करेगा। कक्षा में इतने लंबे समय के बाद हीट शील्ड भी कमज़ोर हो सकती है। हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के जोनाथन मैकडॉवेल ने एक ईमेल में कहा कि अगर हीट शील्ड विफल हो जाती है तो बेहतर होगा, जिससे अंतरिक्ष यान वायुमंडल में गोता लगाने के दौरान जल जाएगा। लेकिन अगर हीट शील्ड काम करती है, तो “यह बरकरार रहेगा और आपके पास आसमान से गिरने वाली आधा टन की धातु की वस्तु होगी”।

कहां गिर सकता है अंतरिक्ष यान का मलबा

अनुमान है कि अंतरिक्ष यान 51.7 डिग्री उत्तर और दक्षिण अक्षांश के बीच कहीं भी फिर से प्रवेश कर सकता है, या कनाडा के अल्बर्टा में लंदन और एडमोंटन के उत्तर में, लगभग दक्षिण अमेरिका के केप हॉर्न तक। लैंगब्रोक ने कहा, चूंकि ग्रह का अधिकांश भाग पानी है, इसलिए “संभावना अच्छी है कि यह वास्तव में किसी महासागर में यह गिरकर खत्म हो जाएगा”। इससे पहले  2022 में, एक चीनी बूस्टर रॉकेट ने पृथ्वी पर अनियंत्रित वापसी की और 2018 में तियानगोंग-1 अंतरिक्ष स्टेशन ने अनियंत्रित पुनःप्रवेश के बाद दक्षिण प्रशांत के ऊपर पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश किया।

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
Advertisement Carousel

Latest Post

24 October 2026 Horoscope : आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि, जानिए अपना राशिफल
Featured religion
CG News : बर्खास्त GRP आरक्षक की मुश्किलें बढ़ीं, आय से अधिक संपत्ति मामले में ACB ने पेश किया चालान
Featured छत्तीसगढ़
CG News : अस्पताल के बाहर जिंदगी की जंग लड़ता रहा युवक, डॉक्टर की गैरमौजूदगी के आरोप पर कलेक्टर ने दिए जांच के संकेत
Featured छत्तीसगढ़
CG News : छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ते को लेकर हलचल, कर्मचारियों-पेंशनरों को 2% DA मिलने की खबर’ एरियर पर भी नजरCG News : छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ते को लेकर हलचल, कर्मचारियों-पेंशनरों को 2% DA मिलने की खबर’ एरियर पर भी नजर
Featured छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में स्टेडियम के अंदर स्कॉर्पियो से हुड़दंगबाजी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल’ जांच शुरू
Featured छत्तीसगढ़
CG News : 10 साल बाद फिर दिखा रेड सैंड बोआ’ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ गांव में दुर्लभ सांप मिलने से मची हलचल
Featured छत्तीसगढ़
Bastar Dussehra : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुरिया दरबार में बढ़ाया बस्तर का मान, पारंपरिक विरासत से जुड़कर बोलीं- मैं मांझी की बेटी हूं
Featured छत्तीसगढ़
बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता, सामूहिक आस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक-राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश

You Might Also Like Related

अन्यछत्तीसगढ़देश - विदेश

आदिवासी समाज की परंपरागत व्यवस्था सामाजिक एकता, न्याय और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु.

By
Hum Vatan News
11 Min Read
अन्यछत्तीसगढ़देश - विदेश

शासन के बल्क परचेस निर्णय से छत्तीसगढ़ में आवासीय योजनाओं को मिल रही नई गति.

By
Hum Vatan News
6 Min Read
अन्यछत्तीसगढ़देश - विदेश

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर में आकार ले रही 3147 करोड़ रुपये की भारतमाला परियोजना.

By
Hum Vatan News
8 Min Read
Previous Next
Hum Vatan News

Categories

  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

Follow for More

Quick Links

  • Privacy Policy
  • Contact
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    

Hum Vatan News. Nimble Technology Design Company. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?