Annapurna Grain ATM : रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश के एक जिले में जल्द ही ‘अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत होने जा रही है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद हितग्राहियों को राशन दुकान की लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मशीन के माध्यम से तय मात्रा में अनाज आसानी और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को डिजिटल, तेज और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है।
क्या है अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम?
अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम एक स्वचालित मशीन है, जो बैंक के एटीएम की तर्ज पर काम करेगी। इसमें पहले से चावल या अन्य खाद्यान्न भरा जाएगा। पात्र हितग्राही अपनी पहचान सत्यापित करने के बाद मशीन से निर्धारित मात्रा में राशन प्राप्त कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे वितरण में पारदर्शिता बनी रहेगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।
ऐसे करेगा काम ग्रेन एटीएम
ग्रेन एटीएम का उपयोग करने के लिए हितग्राही को पहले अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक या राशन कार्ड की जानकारी का उपयोग किया जाएगा। पहचान सत्यापित होते ही मशीन लाभार्थी के खाते में दर्ज पात्रता के अनुसार तय मात्रा में अनाज स्वतः निकाल देगी। पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी और लाभार्थी को पर्ची भी उपलब्ध कराई जाएगी।
हितग्राहियों को होंगे कई बड़े फायदे
नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन लेने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान होगी। लंबी कतारों से राहत मिलेगी, समय की बचत होगी और सही वजन में अनाज मिलने की संभावना बढ़ेगी। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से वितरण की निगरानी भी बेहतर तरीके से हो सकेगी। साथ ही अनाज की हेराफेरी और गड़बड़ी पर भी प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
पायलट प्रोजेक्ट के बाद होगा विस्तार
सरकार पहले चरण में इस व्यवस्था को एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करेगी। यदि इसका संचालन सफल रहता है तो आने वाले समय में इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है। खाद्य विभाग का मानना है कि यह तकनीक सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी तथा पारदर्शी बनाएगी।
प्रदेश सरकार लगातार राशन वितरण व्यवस्था में तकनीक का उपयोग बढ़ा रही है। ई-पीओएस मशीन, आधार आधारित प्रमाणीकरण और ऑनलाइन निगरानी के बाद अब ग्रेन एटीएम जैसी पहल को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पात्र हितग्राहियों तक समय पर और सही मात्रा में खाद्यान्न पहुंचाने में आसानी होगी।


