जीवनशैली ही तय करती है सेहत की दिशा
डॉक्टर बताते हैं कि देर रात सोना, प्रोसेस्ड भोजन और शारीरिक निष्क्रियता शरीर पर बोझ डालती है। इसके उलट, समय पर सोना-जागना, घर का बना भोजन और रोजाना हल्की-फुल्की गतिविधि शरीर को संतुलन में रखती है। यही संतुलन लंबी उम्र की नींव बनता है।
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क्या बदलें, क्या रखें कायम
- नींद: रोज 7–8 घंटे की नींद। मोबाइल से दूरी।
- खान-पान: सब्जियां, फल, दालें; तला-भुना कम।
- गतिविधि: 30 मिनट पैदल चलना या हल्का व्यायाम।
- तनाव: ध्यान, योग या श्वास अभ्यास।
स्थानीय डॉक्टर क्या कहते हैं
“लंबी उम्र किसी एक दवा से नहीं आती। यह रोज की आदतों का नतीजा है। समय पर सोना और संतुलित भोजन सबसे मजबूत आधार है।”
— डॉ. रवि शर्मा, फिजिशियन, रायपुर
निवासियों पर असर और आगे क्या
शहरों में देर रात काम, स्क्रीन टाइम और फास्ट फूड आम हो चुके हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कॉलोनियों और कार्यस्थलों पर वॉकिंग ग्रुप, नींद-स्वास्थ्य जागरूकता और स्थानीय योग सत्र शुरू किए जाएं। इससे बीमारियों का जोखिम घटता है और सक्रिय उम्र बढ़ती है।


