CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ में बाल श्रम से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। हाउसिंग बोर्ड के एक निर्माणाधीन भवन में 8 नाबालिग लड़कियों के मजदूरी करने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी सामने आने पर संबंधित विभागों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन भवन में मजदूरों से काम कराया जा रहा था। इसी दौरान निरीक्षण या जांच के दौरान वहां कुछ नाबालिग लड़कियां काम करती मिलीं। बताया जा रहा है कि ये लड़कियां निर्माण कार्य से जुड़े अलग-अलग कामों में लगी हुई थीं।
8 नाबालिग लड़कियों के काम करने की मिली जानकारी
मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नाबालिग लड़कियों को किसने काम पर रखा था और वे कितने समय से निर्माण स्थल पर मजदूरी कर रही थीं।
प्रशासन अब लड़कियों की उम्र और उनके परिवारों की जानकारी जुटा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ठेकेदार और निर्माण कार्य से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों को नाबालिगों से काम कराए जाने की जानकारी थी या नहीं।
ठेकेदार की जिम्मेदारी तय होगी
निर्माण स्थल पर नाबालिगों से मजदूरी कराए जाने के मामले में ठेकेदार की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य में श्रमिकों की नियुक्ति और उनकी उम्र से संबंधित नियमों का पालन करना ठेकेदार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
यदि जांच में ठेकेदार द्वारा नियमों की अनदेखी किए जाने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित विभागों द्वारा दस्तावेजों और मजदूरों के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
बाल श्रम के मामलों में कानून सख्त
नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराना कानून के तहत गंभीर विषय है। खासकर निर्माण जैसे जोखिमपूर्ण कार्यों में बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर विशेष नियम बनाए गए हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


