CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की समृद्ध लोक कला, लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाकारों को प्रोत्साहन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के तहत प्रदेशभर के लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य लोक कलाओं का संरक्षण एवं संवर्धन करना, कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और कला परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना है।
योजना के तहत पात्र लोक कलाकारों को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये से 24 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इससे कलाकारों को अपनी कला को निरंतर आगे बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिलेगी।
लोक कलाकारों को मिलेगा आर्थिक सहयोग
मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत चयनित कलाकारों को उनकी पात्रता और निर्धारित मानदंडों के अनुसार वार्षिक आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि प्रदेश के कई लोक कलाकार वर्षों से पारंपरिक कला को जीवित रखे हुए हैं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह योजना ऐसे कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित होगी।
लोक कला और संस्कृति को मिलेगा नया मंच
छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध लोक परंपराओं, लोक नृत्य, लोक संगीत, पंथी, राऊत नाचा, करमा, सुआ, पंडवानी और अन्य सांस्कृतिक विधाओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। सरकार चाहती है कि इन कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए और कलाकारों को सम्मानजनक पहचान मिले।
योजना के माध्यम से लोक कलाकारों और कला दलों को प्रोत्साहित कर सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति देने का प्रयास किया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया शुरू, पात्र कलाकार कर सकते हैं आवेदन
संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय ने पात्र लोक कलाकारों से निर्धारित प्रारूप में आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक कलाकार आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद निर्धारित मानकों के आधार पर उनकी जांच और चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विभाग ने कलाकारों से समय-सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।
इस योजना का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और पारंपरिक लोक कलाकारों को मिलने की उम्मीद है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में कई कलाकार वर्षों से अपनी कला के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे हुए हैं। आर्थिक सहयोग मिलने से वे अपनी कला को और बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे तथा नई पीढ़ी को भी प्रशिक्षण देने के लिए प्रेरित होंगे।


