गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां सिटी कोतवाली में तैनात सब इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह को रिश्वतखोरी और कर्तव्य के प्रति लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि SI ने भाजपा समर्थित नेताओं द्वारा एक दंपती के साथ की गई मारपीट के मामले में 10 हजार रुपये लेकर केस को दबाने की कोशिश की और उल्टा पीड़ित पक्ष पर ही FIR दर्ज कर दी। इस लेन-देन का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, प्रभारी एसपी नीरज चंद्राकर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए SI को सस्पेंड कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले भाजपा समर्थित नेताओं ने एक दंपती के साथ मारपीट की थी। न्याय की उम्मीद में पीड़ित पक्ष सिटी कोतवाली पहुँचा था, लेकिन वहां तैनात सब इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह ने मामले को सुलझाने और रफा-दफा करने के नाम पर रुपयों की मांग की। बताया जा रहा है कि 10 हजार रुपये लेने के बाद भी SI ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय सत्ता पक्ष के दबाव में आकर पीड़ितों के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया।
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रिश्वत के लेनदेन का ऑडियो हुआ वायरल
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब रिश्वत के लेनदेन से जुड़ा एक ऑडियो सार्वजनिक हो गया। वायरल ऑडियो में SI द्वारा पैसों की बात की जा रही है। सब इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह सस्पेंड होने के पीछे मुख्य आधार इसी ऑडियो को माना जा रहा है। ऑडियो सामने आते ही पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे, जिसके बाद विभाग को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
प्रभारी एसपी नीरज चंद्राकर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के बाद निलंबन आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान SI का मुख्यालय रक्षित केंद्र (लाइन) तय किया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार:
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मामले की विभागीय जांच (DE) शुरू कर दी गई है।
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वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच साइबर सेल के माध्यम से की जा रही है।
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पीड़ित दंपती के बयानों को फिर से दर्ज किया जाएगा ताकि उन्हें न्याय मिल सके।



