CG Politics : रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश प्रभारी एवं पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सुबह से ही बैठकों का दौर शुरू हो गया। पार्टी विधायकों के साथ संगठनात्मक बैठक के बाद सांसदों, राज्य सरकार के मंत्रियों, कोर ग्रुप और विचार परिवार के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें निर्धारित की गईं। रविवार को हुई बैठकों में कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने आने की जानकारी के बाद सोमवार को मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा विधायकों के साथ हुई संगठनात्मक बैठक
स्मृति ईरानी के दौरे के दूसरे दिन सोमवार सुबह 11 बजे से भाजपा विधायकों के साथ संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन की गतिविधियों, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई।
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार और संगठन के बीच समन्वय बनाए रखना पार्टी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में विधायकों के साथ बैठक को जमीनी स्तर पर संगठन की स्थिति और जनप्रतिनिधियों के कामकाज की समीक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
मंत्रियों के साथ विशेष बैठक पर टिकी नजरें
सोमवार के कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ अलग से बैठक भी निर्धारित की गई। रविवार को हुई बैठकों में कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने आने की जानकारी के बाद इस बैठक का महत्व बढ़ गया है।
हालांकि, शिकायतें किन मंत्रियों से संबंधित हैं, वे किस तरह की हैं और क्या उनके आधार पर कोई कार्रवाई प्रस्तावित है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए बैठक को लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक कयासों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
सांसदों और कोर ग्रुप के साथ भी चर्चा
स्मृति ईरानी के कार्यक्रम में सांसदों, भाजपा कोर ग्रुप और विचार परिवार के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ भी अलग-अलग बैठकों का कार्यक्रम शामिल है। इन बैठकों को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय मजबूत करने और संगठनात्मक प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव 2028 को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार हो रही बैठकें राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।


