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महादेव ऐप का डुप्लिकेट साम्राज्य और ₹60 लाख की जब्ती
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बाबू खेमानी ने महादेव ऐप के काम करने के तरीके को कॉपी किया था। उसने अपना एक अलग सिंडिकेट खड़ा किया और ऑनलाइन बेटिंग के जरिए करोड़ों का काला कारोबार चला रहा था। वह मुंबई में बैठकर पूरा नेटवर्क हैंडल कर रहा था, जबकि उसके रिश्तेदार रायपुर में ज़मीनी स्तर पर रैकेट चला रहे थे। आप उसकी चालाकी महसूस कर सकते हैं; वह सीधे तौर पर कभी सामने नहीं आया। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक आलीशान BMW कार, कई लैपटॉप, दर्जन भर स्मार्टफोन और ₹60 लाख मूल्य का अन्य सामान जब्त किया है।
“यह एक संगठित साइबर अपराध का मामला है। आरोपी बाबू खेमानी तकनीकी रूप से बहुत माहिर है और मुंबई से इस रैकेट को ऑपरेट कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से महादेव ऐप जैसे अन्य सिंडिकेट्स के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।”
— एक वरिष्ठ साइबर सेल अधिकारी, रायपुर पुलिस
महादेव ऐप के बचे हुए नेटवर्क पर खतरा
यह गिरफ्तारी महादेव ऐप सिंडिकेट के बचे हुए नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका है। बाबू खेमानी की गिरफ्तारी से न केवल उसके सिंडिकेट के वित्तीय ट्रांजेक्शन के सबूत मिलेंगे, बल्कि इस बात का भी खुलासा होगा कि मुंबई और अन्य शहरों में उसके कौन-कौन से साथी सक्रिय हैं। आने वाले समय में, पुलिस खेमानी से पूछताछ के आधार पर मुंबई में और अधिक गिरफ्तारियां कर सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह कार्रवाई महादेव ऐप के असली मास्टरमाइंड्स तक पहुंचने में मदद करती है या नहीं। पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस कैंसर को खत्म करने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।



