अफसर का तोता, सरकारी अमला और बर्बाद पानी
मामला जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर के पास का बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, एक रसूखदार अधिकारी का पालतू तोता पिंजरे से निकलकर पास के एक ऊंचे पेड़ पर जा बैठा। अधिकारी ने तोते को वापस पाने के लिए तुरंत दमकल विभाग को फोन कर दिया। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ी सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंच गई। तोते को नीचे उतारने के लिए फायर फाइटर्स ने पेड़ की डालियों पर पानी की तेज बौछारें डालना शुरू कर दिया। इस बेतुके ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’ को देखने के लिए वहां भीड़ जमा हो गई।
तोता पानी की बौछारों से बचने के लिए एक डाली से दूसरी डाली पर फुदकता रहा, लेकिन नीचे नहीं उतरा। इस चक्कर में करीब 3000 से 4000 लीटर साफ पानी सड़क पर बह गया। लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे फायर ब्रिगेड का अमला सिर्फ एक तोते के लिए पानी की बर्बादी कर रहा है। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
“हमें ऊपर से आदेश मिला था कि पेड़ पर एक ‘इंपोर्टेंट’ पक्षी फंसा है और उसे सुरक्षित नीचे उतारना है। हमने अपनी ड्यूटी की। पानी तो इस्तेमाल होगा ही जब आप दमकल की गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे।”



