Donald Trump On Nobel Peace Prize: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी को लेकर बयान दिया है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने ऐसे कई युद्धों को खत्म करने में भूमिका निभाई है, जैसा किसी अन्य राष्ट्रपति ने नहीं किया। ट्रंप लगातार तीसरे साल नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर अपनी दावेदारी जता रहे हैं।
‘मैं डींग नहीं हांक रहा हूं, बस असलियत बता रहा हूं’
बुधवार को चुनाव प्रचार के बाद वॉशिंगटन लौटे डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपने कूटनीतिक प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसे काम किए हैं, जो पहले किसी राष्ट्रपति ने नहीं किए। ट्रंप ने कहा, “मैं डींग नहीं मार रहा हूं, बस आपको असलियत बता रहा हूं।”
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अब तक आठ युद्धों को सुलझाने में मदद की है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को भी अपनी उपलब्धियों में शामिल किया। ट्रंप इससे पहले भी कई बार भारत-पाकिस्तान सीजफायर का श्रेय अमेरिका को देते रहे हैं।
भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर भारत ने खारिज किया दावा
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बाद से ही ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच सीजफायर कराने में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, भारत ने ट्रंप के इस दावे का स्पष्ट रूप से खंडन किया है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिका का कोई दखल नहीं था। मंत्रालय के मुताबिक, सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर सहमति सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच बनी थी।
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ट्रंप ने ईरान का भी किया जिक्र
ट्रंप ने अपनी बातचीत के दौरान ईरान से जुड़े संघर्ष का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सूची में जल्द ही एक और संघर्ष जुड़ सकता है। हालांकि, ईरान के साथ संभावित युद्धविराम को लेकर उस समय बहुत कम प्रगति दिखाई दे रही थी।
ट्रंप लंबे समय से अपने कूटनीतिक रिकॉर्ड को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी का आधार बताते रहे हैं। हालांकि, उनके द्वारा “आठ युद्ध खत्म करने” के दावे पर फैक्ट-चेकर्स ने सवाल भी उठाए हैं।
पहले कार्यकाल में भी नोबेल पुरस्कार की इच्छा जता चुके हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप की नोबेल शांति पुरस्कार पाने की इच्छा नई नहीं है। अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने उत्तर कोरिया के साथ अपनी कूटनीतिक कोशिशों का बार-बार उल्लेख किया था।
अब एक बार फिर ट्रंप ने अपने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों और भारत-पाकिस्तान सीजफायर का हवाला देते हुए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश की है।


