नई दिल्ली। आज देशभर में बजरंगबली के जन्मोत्सव की धूम है। चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि के अवसर पर भक्त अपने आराध्य हनुमान जी का जन्मदिन पूरे हर्षोल्लास और भक्ति के साथ मना रहे हैं। मान्यता है कि आज के दिन सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा और Hanuman Chalisa का पाठ करने से भक्तों के सभी संकट कोसों दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
हनुमान चालीसा का महत्व: ‘संकट कटै मिटै सब पीरा’
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, हनुमान जन्मोत्सव पर हनुमान चालीसा का पाठ करना विशेष फलदायी माना गया है। चालीसा की चौपाइयां केवल शब्द नहीं, बल्कि सिद्ध मंत्र हैं जो नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करती हैं।
“जो शत बार पाठ कर कोई, छूटहि बंदि महा सुख होई।” अर्थात जो व्यक्ति सौ बार चालीसा का पाठ करता है, उसे सांसारिक बंधनों और दुखों से मुक्ति मिल जाती है।
आज की पूजा विधि और विशेष नियम
भक्त आज सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। इस दिन पूजा के कुछ खास नियम बताए गए हैं:
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चोला अर्पण: आज के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली के तेल का चोला चढ़ाना अत्यंत शुभ है।
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सुंदरकांड का पाठ: कई घरों और मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन किया जा रहा है।
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भोग: बजरंगबली को बूंदी के लड्डू या बेसन के लड्डू का भोग लगाया जा रहा है।
चैत्र पूर्णिमा: क्यों है आज का दिन खास?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, आज ही के दिन माता अंजना की कोख से महादेव के 11वें रुद्रावतार भगवान हनुमान ने जन्म लिया था। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव पर कई दुर्लभ योग बन रहे हैं, जो पूजा-अर्चना के फल को कई गुना बढ़ा देंगे।



